नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में विश्व शांति एवं सर्वकल्याण के उद्देश्य से 1 मई शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर राष्ट्रव्यापी “गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ” अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान जिले भर में घर-घर गायत्री महामंत्र की गूंज सुनाई दी और श्रद्धालु परिवारों ने यज्ञ के माध्यम से आहुतियां समर्पित कर आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया।नीमच जिला समन्वयक गिरिराज सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में गायत्री परिवार की सक्रिय शाखाओं—नीमच, ग्वालटोली, भोलियावास, मालखेड़ा, जावद, अठाना, लोद, मनासा, अल्हेड, बनी, भदवा, लोडकिया, रामपुरा, बरलाई, हतुनिया, जीरन, सिंगोली एवं शहना तलाई—के कार्यकर्ताओं एवं परिजनों ने अपने-अपने संपर्क क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर गायत्री महायज्ञ संपन्न करवाया।उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए शाखाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर कर्मकांड प्रशिक्षण, यज्ञ सामग्री किट और आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व में ही सुनिश्चित की गई थीं। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में परिवारों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई और अपने घरों को यज्ञस्थली में परिवर्तित किया।समयदानी परिजनों ने यज्ञ कर्मकांड विधिपूर्वक संपन्न कराते हुए “विचार क्रांति” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। यज्ञ के माध्यम से वैश्विक शांति, पर्यावरण शुद्धि और मानव कल्याण की कामना की गई। साथ ही गायत्री उपासना, संस्कार, स्वाध्याय और श्रेष्ठ जीवन निर्माण के लिए प्रेरित किया गया।आधुनिक तकनीक का भी इस अभियान में समावेश देखने को मिला। ऑनलाइन यज्ञ संचालन, यूट्यूब और कर्मकांड एप जैसे माध्यमों के जरिए भी श्रद्धालुओं ने अपने घरों में यज्ञ संपन्न किया और विश्व कल्याणार्थ आहुतियां समर्पित कीं।इस राष्ट्रव्यापी अभियान ने आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए समाज में सकारात्मकता, संस्कार और समरसता का संदेश प्रसारित किया।







