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गरीब ब्राह्मण परिवार के मकान ध्वस्तीकरण के विरोध में राजपूत-ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन

Mahendra Upadhyay
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नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। जिले के जावद तहसील अंतर्गत ग्राम कास्या में एक गरीब ब्राह्मण परिवार के पुश्तैनी मकान को ध्वस्त करने की प्रस्तावित प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को समस्त राजपूत एवं ब्राह्मण समाजजन ने कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही रोकने की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कास्या निवासी बीपीएल परिवार के सदस्य सचिन पिता मोहनलाल पाराशर पिछले करीब 70 वर्षों से अपने पुश्तैनी मकान में निवास कर रहे हैं। उक्त मकान में भगवान श्री खाटूश्याम जी का मंदिर भी स्थित है,जहां परिवार द्वारा नियमित पूजा-अर्चना की जाती है। समाजजनों का कहना है कि यह भवन ग्राम आबादी क्षेत्र में स्थित है और गांव के अन्य निवासियों के मकान भी इसी सर्वे नंबर में वर्षों से बने हुए हैं।ज्ञापन में बताया गया कि शासन की योजनाओं के तहत अन्य ग्रामीणों की तरह इस परिवार को भी आवास पर शौचालय निर्माण हेतु अनुदान प्राप्त हुआ था,जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन पूर्व में इस निवास को मान्यता दे चुका है। इसके बावजूद तहसीलदार जावद द्वारा सचिन पाराशर के विरुद्ध कथित रूप से अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज कर बेदखली और मकान तोड़ने का आदेश जारी किया गया है,जिसे समाज ने अन्यायपूर्ण और षड्यंत्रपूर्ण बताया है।समाजजनों ने आरोप लगाया कि यदि यह भूमि अतिक्रमण की श्रेणी में आती है,तो ग्राम के अन्य निवासियों पर समान कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। केवल एक परिवार को निशाना बनाना गंभीर पक्षपात को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया,तो क्षेत्र में व्यापक जनआक्रोश उत्पन्न हो सकता है और आंदोलन की स्थिति बन सकती है।ज्ञापन के माध्यम से समाज ने मांग की है कि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

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