नीमच। महेंद्र उपाध्याय। जिले की मनासा तहसील के ग्राम कुंडला में भारतीय सेना में 24 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होकर अपने गांव लौटे जवान मुकेश राठौर का ग्रामीणों ने भव्य और भावपूर्ण स्वागत किया।जैसे ही वे गांव की सीमा में पहुंचे, स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया, जो पूरे दिन उत्साह के साथ जारी रहा।कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। गांव के तालाब किनारे स्थित प्राचीन कालेश्वर मंदिर पर विशेष हवन का आयोजन किया गया, जिसमें परिवारजन और ग्रामीणों ने भाग लेकर आहुतियां दीं। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे सैन्य वर्दी में सजे मुकेश राठौर की अगुवाई में पैदल रैली निकाली गई।करीब 3500 की आबादी वाले कुंडला गांव में यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया। जवान ने पूरे गांव में लगभग 6 किलोमीटर का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान गांव की गलियों, मुख्य मार्गों और नई बस्तियों से होकर गुजरते हुए हर वर्ग के लोगों ने उनका स्वागत किया।डीजे पर बजते देशभक्ति गीतों ने माहौल को जोशीला बना दिया, वहीं युवा,महिलाएं और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक रैली में शामिल हुए।स्वागत के दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर जवान का अभिनंदन किया। गांव के 9 प्रमुख स्थानों पर रुककर साफा बांधकर विशेष सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह पूरे गांव की एकजुटता और अपने सपूत के प्रति गर्व को दर्शाता नजर आया।रैली का मुख्य उद्देश्य गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना भी रहा। मुकेश राठौर हर गली और चौराहे पर खड़े वरिष्ठ नागरिकों के पास पहुंचे, उनके चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बुजुर्गों ने भी उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।यह पैदल यात्रा कालेश्वर मंदिर से शुरू होकर गांव के विभिन्न मार्गों से होती हुई दोपहर में पुनः मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे आयोजन में अनुशासन और गरिमा का विशेष ध्यान रखा गया।जवान के परिजनों ने बताया कि 24 वर्षों तक देश की सीमाओं पर सेवा देने के बाद अब वे अपने परिवार और गांव के बीच समय बिताएंगे। इस अवसर पर गांव की एकता और सेना के प्रति सम्मान स्पष्ट रूप से देखने को मिला।







