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निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पालक संघ का मोर्चा,सोपा 10 सूत्रीय मांगपत्र

Mahendra Upadhyay
3 Min Read

नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले में निजी स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ के विरोध में पालक संघ जिला इकाई नीमच ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को संघ के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।पालक संघ ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी विद्यालय शासन के नियमों,शिक्षा का अधिकार अधिनियम और फीस विनियमन कानूनों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। इससे अभिभावकों का लगातार आर्थिक शोषण हो रहा है। संघ का कहना है कि स्कूल प्रबंधन अपनी मनमर्जी से फीस बढ़ा रहे हैं और अभिभावकों को अनावश्यक खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।ज्ञापन में प्रमुख रूप से सीएम राइज सांदीपनि स्कूल के भवन निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने की मांग उठाई गई। संघ के अनुसार यह कार्य लंबे समय से लंबित है,जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है।
इसके अलावा,किताबों और गणवेश की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए पुस्तक एवं गणवेश मेलों का आयोजन कर कम से कम 30 प्रतिशत छूट दिलाने की मांग की गई। संघ ने यह भी कहा कि निजी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया जाए और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों तथा विशेष ड्रेस की अनिवार्यता समाप्त की जाए।पालक संघ ने फीस विनियमन नियम-2020 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने, मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने तथा परिवहन शुल्क में एकरूपता लाने की मांग की। साथ ही, फीस बकाया होने पर छात्रों की टीसी और अंकसूची रोकने जैसी प्रथाओं को तुरंत बंद करने की बात कही।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिले के कई निजी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इनमें पर्याप्त कक्षाएं,खेल मैदान, पुस्तकालय,प्रयोगशालाएं,शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं।संघ ने ऐसे संस्थानों की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनकी मान्यता निरस्त करने की मांग की है।अंत में पालक संघ ने प्रशासन से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्द इन मांगों पर ठोस कार्रवाई करे और निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाकर अभिभावकों को राहत प्रदान करे।

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