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काले कानून के विरोध में पेंशनर्स का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Mahendra Upadhyay
2 Min Read

नीमच।महेंद्र उपाध्याय।जिले में पेंशनर्स संगठनों ने वित्त मंत्रालय द्वारा पारित पेंशन संबंधी कानून के विरोध में बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया।अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के आव्हान पर एवं मध्यप्रदेश प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में पेंशनरों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित मंदिर प्रांगण में एकत्रित होकर काली पट्टी बांधकर धरना दिया और अपने विरोध को दर्ज कराया।प्रदर्शन के दौरान पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए इस कानून को “काला कानून” बताया। उनका कहना है कि 25 मार्च 2025 को लोकसभा में प्रस्तुत वित्त विधेयक, जो बाद में दोनों सदनों से पारित होकर 29 मार्च 2025 को अधिसूचना के माध्यम से कानून बना, पेंशनर्स के हितों के विपरीत है।सागर मंथन पेंशनर्स का आरोप है कि इस कानून के लागू होने से भविष्य में पेंशन में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं होगी,साथ ही पूर्व पेंशनर्स के साथ भेदभाव कर उनके लाभ भी समाप्त किए जा सकते हैं।पेंशनर्स ने यह भी चिंता जताई कि इस प्रावधान के तहत यदि उनके अधिकारों का हनन होता है तो वे न्यायालय में भी चुनौती नहीं दे सकेंगे, जो कि उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। इस मुद्दे को लेकर पेंशनर्स संगठनों में व्यापक आक्रोश देखा गया।धरना प्रदर्शन के बाद पेंशनर्स ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि उक्त कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए,ताकि पेंशनर्स के हित सुरक्षित रह सकें।पेंशनर्स एसोसिएशन ने बताया कि यदि सरकार इस दिशा में जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो पेंशनर्स आंदोलन को और तेज करेंगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में अपने अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

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