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हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद मकान क्षतिग्रस्त करने का आरोप,पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

Mahendra Upadhyay
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।मनासा के पुर्बिया मोहल्ला निवासी बद्रीलाल पुर्बिया ने कलेक्टर नीमच को शिकायत सौंपकर उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद उनके मकान को क्षतिग्रस्त किए जाने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बद्रीलाल पुर्बिया ने बताया कि उनके मकान से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद बाबूलाल पुर्बिया, राकेश पुर्बिया एवं गोपाल पुर्बिया द्वारा कथित रूप से न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए मकान को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। इतना ही नहीं, रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। बद्रीलाल का कहना है कि इन घटनाओं से उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है।पीड़ित ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत थाना मनासा में भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने प्रशासन से न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने, मकान को और नुकसान पहुंचने से रोकने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की हैबद्रीलाल पुर्बिया ने अपने आवेदन में परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उन्हें न्याय नहीं मिला और प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो वे धरना-प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल जैसे लोकतांत्रिक आंदोलन करने को विवश होंगे। है।

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