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तालाब की आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, सरपंच-सचिव ने जनसुनवाई में लगाई संरक्षण की गुहार

Mahendra Upadhyay
3 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।ग्राम पंचायत सेमली चन्द्रावत में तालाब के लिए आरक्षित शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला जिला जनसुनवाई तक पहुंच गया है। ग्राम पंचायत के सरपंच बाबूकुंवर चन्द्रावत एवं पंचायत सचिव ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर तालाब क्षेत्र में हो रहे कथित अवैध कब्जे और मिट्टी भराव कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो तालाब का अस्तित्व और उसकी जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हो सकती है।जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन के अनुसार ग्राम सेमली चन्द्रावत स्थित सर्वे क्रमांक 635/1 एवं 635/2 की भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब के लिए आरक्षित है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा इस भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर ट्रैक्टरों के माध्यम से मिट्टी भराव किया जा रहा है। पंचायत का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से तालाब का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है और भविष्य में वर्षा जल के संग्रहण की क्षमता भी कम हो सकती है।सरपंच एवं सचिव ने आवेदन में उल्लेख किया है कि तालाब के समीप ग्राम की गोशाला संचालित है,जहां बड़ी संख्या में गोवंश का संरक्षण किया जाता है।गर्मी के दिनों में तालाब का पानी गोवंश के लिए प्रमुख जल स्रोत का कार्य करता है। यदि तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण और मिट्टी भराव जारी रहा तो आने वाले समय में गोशाला में संरक्षित पशुओं के लिए जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित भूमि का शीघ्र सीमांकन कराया जाए तथा मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही कथित अतिक्रमण हटाने, मिट्टी भराव कार्य पर तत्काल रोक लगाने और गोवंश के आवागमन में बाधा बन रही तार-जाली एवं अन्य अवरोधों को हटाने की कार्रवाई की जाए।पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि तालाब केवल जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीणों और गोवंश दोनों के लिए जीवनरेखा है। इसके संरक्षण से पर्यावरण संतुलन, भू-जल स्तर और पशुधन की आवश्यकताओं की पूर्ति जुड़ी हुई है।

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