नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।जिले के मनासा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टामोटी के वन क्षेत्र में भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते बड़ी संख्या में वन्यजीवों एवं पक्षियों के मरने का मामला सामने आया है। हालांकि वन विभाग ने अभी तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व आदिवासी भील समाज के कुछ लोग टामोटी के जंगल में मधुमक्खी का शहद एकत्रित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें जंगल में कई वन्यजीव एवं पक्षी मृत अवस्था में दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि मृत जीवों में मोर, छोटे-बड़े जंगली पशु,पक्षी एवं अन्य वन्य प्राणी शामिल हैं।ग्रामीणों द्वारा यह जानकारी अपने परिचितों से साझा की गई,जिसके बाद मामला धीरे-धीरे मीडिया तक पहुंचा।मीडिया द्वारा मामले की पुष्टि के लिए जब वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो विभागीय अधिकारियों ने अनभिज्ञता जताई। मनासा वन क्षेत्र के अधिकारी शाश्वत द्विवेदी ने प्रारंभिक बातचीत में टामोटी के जंगल का हिस्सा रामपुर क्षेत्र में होना बताया और बाद में जानकारी जुटाकर शाम तक बताने की बात कही। लेकिन शाम करीब 8 बजे दो बार फोन लगाए जाने के बावजूद उन्होंने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा। इससे विभाग द्वारा मामले को दबाने एवं जानकारी छुपाने के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग को वन्यजीवों की मौत की जानकारी पहले से थी, लेकिन मामले को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास किया गया। वहीं, जब इस संबंध में जिला वन मंडल अधिकारी दशरथ अखंड से फोन पर चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल इस घटना की जानकारी नहीं है और वे मामले की जांच करवाएंगे।घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली एवं भीषण गर्मी में वन्यजीवों के लिए जल प्रबंधन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
टामोटी के जंगल में प्यास से वन्यजीवों की मौत का आरोप,वन विभाग पर जानकारी छुपाने के गंभीर सवाल







