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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रहे नीमच के मेडिकल स्टोर,केमिस्टों ने निकाली रैली,प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Mahendra Upadhyay
3 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं पर भारी छूट की नीति के विरोध में बुधवार को नीमच जिले के केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद रखे गए तथा केमिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा गया। यह आंदोलन देशव्यापी आह्वान के तहत नीमच सहित पूरे देश में आयोजित किया गया।नीमच जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने बताया कि इंटरनेट और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे न केवल छोटे दवा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। एसोसिएशन का कहना है कि बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा पहुंचाने, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाओं की बिक्री तथा अत्यधिक डिस्काउंट देकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित करने जैसी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एवं मध्यप्रदेश राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के सभी दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद वर्षों से ऑनलाइन कंपनियां दवा कारोबार कर रही हैं।ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की जाए। बिना वैध और सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा बिक्री एवं होम डिलीवरी पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए। इसके अलावा कोविड काल में लागू की गई अधिसूचना GSR 220(E) तथा वर्ष 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) को तत्काल वापस लेने की मांग भी उठाई गई। केमिस्टों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रही “डीप डिस्काउंटिंग” और “प्रिडेटरी प्राइसिंग” नीति छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी दवा व्यापारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों तक दवाएं पहुंचाईं और स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा। इसके बावजूद सरकार द्वारा उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे देशभर के लाखों छोटे केमिस्टों में नाराजगी बढ़ रही है।रैली के बाद जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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