नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। नीमच जिले के जाट क्षेत्र की श्रीपुरा पंचायत अंतर्गत गांव कुतली के समीप स्थित अति प्राचीन सांगारानी माता मंदिर के आसपास रविवार सुबह जंगल में अचानक भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग मंदिर परिसर के नजदीक तेजी से फैलने लगी,जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। रविवार होने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी तथा बड़ी संख्या में वाहन भी खड़े हुए थे। ऐसे में समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेज हवा के चलते लगातार फैलती जा रही थी। यह क्षेत्र सागवान के पेड़ों और सूखे जंगलों के लिए प्रसिद्ध माना जाता है, जिसके कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लेना शुरू कर दिया। प्रारंभिक स्थिति में वन विभाग से केवल एक चौकीदार मौके पर पहुंचा था, जबकि आग की गंभीरता को देखते हुए रतनगढ़ से फायर ब्रिगेड को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, वन विभाग एवं फायर ब्रिगेड की टीम सक्रिय हुई। वन अमले और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए आग को आगे बढ़ने से रोका। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया। प्रशासन की तत्परता के चलते मंदिर परिसर और आसपास मौजूद श्रद्धालु सुरक्षित रहे तथा किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली।वन मंडल अधिकारी कार्यालय,नीमच द्वारा मिली जान कारी के अनुसार सांगारानी माता जी के जंगल क्षेत्र में लगी आग पर जिला प्रशासन की टीम एवं वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्ण रूप से नियंत्रण पा लिया।प्रारंभिक आकलन में वन संपदा को किसी बड़ी क्षति की जानकारी नहीं मिली है। हालांकि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि जंगल में लगी आग के पीछे किसी की लापरवाही अथवा जानबूझकर आग लगाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसे लेकर वन विभाग जांच में जुट गया है।वन मंडल अधिकारी, नीमच ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में वन क्षेत्रों के आसपास आग न जलाएं और आग लगने की स्थिति में तत्काल वन विभाग अथवा प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।







