नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। शहर के सर्राफा व्यापारियों को हॉलमार्किंग और नए नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक विशेष ज्वेलर्स अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शहर के नमो सेंडविच रेस्टोरेंट में आयोजित हुआ,जिसमें सर्राफा एसोसिएशन से जुड़े बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने व्यापारियों को बीआईएस रजिस्ट्रेशन एवं एचयूआईडी प्रणाली की अनिवार्यता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब बिना HUID अंकित आभूषणों की बिक्री नियमों के विरुद्ध मानी जाएगी। HUID यानी हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर प्रत्येक आभूषण पर अंकित किया जाना अनिवार्य है, जिससे उपभोक्ता को आभूषण की शुद्धता और गुणवत्ता की पूरी जानकारी मिल सके। अधिकारियों ने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लागू की गई है।जानकारी के अनुसार नीमच शहर में लगभग 150 लाइसेंसधारी सर्राफा व्यापारी हैं, लेकिन इनमें से केवल 49 व्यापारियों ने ही अब तक BIS रजिस्ट्रेशन कराया है। यह आंकड़ा कार्यक्रम में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। अधिकारियों ने व्यापारियों से जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील करते हुए कहा कि बिना BIS रजिस्ट्रेशन व्यापार करना भविष्य में जोखिम भरा साबित हो सकता है।सहायक प्रबंधक हरिओम मीणा ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं प्रमाणित ज्वेलरी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सभी ज्वेलर्स को BIS के नियमों का पालन करते हुए HUID प्रणाली को अपनाना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।कार्यक्रम में BIS की इंस्पेक्टर आकांक्षा मिश्रा ने भी व्यापारियों को हॉलमार्किंग प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान राजेंद्र गोयल, सौरभ विरानी सहित सर्राफा संगठन के कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में व्यापारियों ने भी नियमों को समझने और उनका पालन करने का आश्वासन दिया।







