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नीमच की लाल माटी पर भव्य ऐतिहासिक सनातनी-आधुनिक सामूहिक विवाह सम्मेलन: 31 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बंधे परिणय सूत्र में

Mahendra Upadhyay
4 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। नीमच की लाल माटी एक बार फिर सामाजिक समरसता, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम की साक्षी बनी, जब 29 अप्रैल बुधवार को निर्धन परिवारों की 31 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित हुआ। “सत्य सनातन सामूहिक विवाह सम्मेलन” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 31 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधे। आयोजन में पारंपरिक सनातन रीति-रिवाजों के साथ आधुनिक सुविधाओं का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे माहेश्वरी भवन, वीर पार्क रोड से वर-वधू एवं परिजनों के आगमन के साथ हुई। सुबह 8 बजे भव्य स्वागत-सत्कार किया गया, जिसमें समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर नवयुगलों का अभिनंदन किया। इसके बाद सुबह 10 बजे विशाल बिंदोली (शोभायात्रा) निकाली गई,सागर मंथन जिसने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया। बैंड-बाजों,सजे-धजे घोड़ों बग्गियों और आकर्षक रानीदादि के सजावटी रथ के साथ निकली यह शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होती हुई बघाना स्थित दादी धाम मंदिर परिसर पहुंची

शोभायात्रा का विशेष आकर्षण सुसज्जित रथ पर विराजित सेठाणी दादी राणी सती माता की प्रतिमा रही, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मार्ग में जगह-जगह तोरणद्वार बनाकर बारात का स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा।सागर मंथन मंदिर परिसर में सम्मेलन के लिए भव्य मंच तैयार किया गया था, जहां एक ही स्थान पर सभी वर-वधुओं का वरमाला कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 2 बजे वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच पाणिग्रहण संस्कार विधिपूर्वक संपन्न हुआ। इसके बाद नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने का सिलसिला चलता रहा।भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। ठंडक के लिए फव्वारे,जम्बो कूलर और छायादार पंडाल लगाए गए थे, जिससे उपस्थित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भोजन प्रसादी की भी उत्कृष्ट व्यवस्था रही, जहां बड़ी संख्या में आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरा आयोजन ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर जोड़े का विवाह उनके अपने घर में हो रहा हो।सगर मंथन दोपहर 4 बजे भावुक माहौल में नवविवाहित जोड़ों की विदाई की गई। आयोजन समिति के समाजसेवी कैलाश धानुका, पूर्व नपाध्यक्ष राकेश पप्पू जैन और विवेक मित्तल ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फिजूलखर्ची को रोकना और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान करना है।कार्यक्रम का आयोजन श्री राणी सती दादी मंदिर ट्रस्ट,बघाना, धानुका परिवार नीमच द्वारा किया गया, जिसमें अन्नपूर्णा सेवा न्यास एवं अन्य सामाजिक संगठनों का सराहनीय सहयोग रहा। बड़ी संख्या में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने इस पुनीत आयोजन के साक्षी बनकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। यह आयोजन सामाजिक एकता, सहयोग और भारतीय संस्कृति की जीवंत मिसाल बनकर उभरा। इस आयोजन में सांसद सुधीर गुप्ता नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार कैलाश धानुका सुनील धानुका रानी दादी सती भक्त मंडल सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

 

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