नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।जिले की नगर परिषद सरवानिया महाराज में शासकीय भूमि के नामांतरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में स्थानीय निवासी राजकुमार टाक ने कलेक्टर नीमच को लिखित आवेदन सौंपकर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) तेजकरण गुनौड़िया और राजस्व शाखा प्रभारी प्रवीण कुमार उपाध्याय के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है।प्रार्थी के अनुसार वर्ष 2019 में वार्ड क्रमांक 14 स्थित काल भैरव श्मशान के समीप स्थित भूमि का नामांतरण प्रस्ताव क्रमांक 209 के तहत किया गया। आरोप है कि जिस व्यक्ति के नाम यह नामांतरण किया गया,उसका नाम प्रस्ताव सूची में दर्ज ही नहीं था। इसके अलावा नामांतरण प्रक्रिया महज आठ दिनों में पूरी कर दी गई,जिसे लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया है।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 19 सितंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) जावद द्वारा संबंधित 0.007 हेक्टेयर भूमि का नामांतरण निरस्त करने का आदेश जारी किया गया था। बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि विवादित भूमि के एक हिस्से को, जिसे पूर्व में नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा अतिक्रमण घोषित करते हुए हटाने के आदेश दिए गए थे, उसे भी विक्रय कर दिया गया। इतना ही नहीं, नगर परिषद द्वारा बिना विधिवत राजस्व नामांतरण के ही उक्त भूमि को दर्ज कर लिया गया, जो नियमों के विपरीत बताया जा रहा है।राजकुमार टाक का कहना है कि जब उन्होंने इस पूरे मामले में आपत्ति दर्ज कराई,तो अधिकारियों ने यह कहकर नामांतरण निरस्त करने से इनकार कर दिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जबकि पूर्व में इसी प्रकार की स्थिति में नामांतरण किया जाना प्रशासन के दोहरे मापदंड को दर्शाता है।प्रार्थी ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही एसडीएम जावद द्वारा जारी आदेश का तत्काल पालन कराते हुए संबंधित भूमि का नामांतरण निरस्त किया जाए,ताकि शासकीय भूमि के दुरुपयोग को रोका जा सके।







