नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय ‘तपोभूमि’ पर शनिवार को महिला जन आक्रोश सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े विधेयक के लोकसभा में पारित न होने को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ कड़ा विरोध जताया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अवंतिका जाट ने कहा कि देश की आधी आबादी यानी नारी शक्ति में सरकार बनाने और बदलने दोनों की ताकत है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए हैं। वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने देना महिलाओं का अपमान है और यह उनकी प्रगति में बाधा डालने का प्रयास है।नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर महिलाओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कांग्रेस पर परिसीमन जैसे तकनीकी मुद्दों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि यह विधेयक पूरी तरह संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप था तथा महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मीना जायसवाल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को आरक्षण मिलने के साथ उनका सशक्तिकरण और अधिक सुदृढ़ होता। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और विस्तार की दिशा में अहम पहल बताया और इसके विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।कार्यक्रम के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के समर्थन में आवाज उठाई। सम्मेलन का संचालन मंजू शर्मा द्वारा किया गया। अंत में सभी ने महिलाओं के हक में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।







