नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। होली का पर्व बुधवार को शहर में बड़े ही हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया।
प्रति वर्ष की परंपरा अनुसार इस वर्ष भी होली उत्सव समिति नीमच द्वारा “रंग रंगीली होली की गैर” का भव्य आयोजन किया गया।
सुबह 10:30 बजे बारादरी से प्रारंभ हुई गैर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई 40 नंबर बिजली ऑफिस टेगोर मार्ग पर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में रंग, गुलाल और ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते नागरिकों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
गैर में बनारसी पंडों की वेशभूषा में सजे समिति के सदस्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। ढोल की थाप पर थिरकते युवाओं की टोली, सतरंगी गुलाल की उड़ती आंधी और रंगों की बयार ने हर किसी को होली के रंग में रंग दिया।
मिक्की माउस और जोकर की वेशभूषा में कलाकारों ने लुभावने नृत्य प्रस्तुत कर बच्चों और बड़ों का मन मोह लिया। होली के मदमस्त और सदाबहार गीतों पर नागरिक झूमते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने गैर पर पानी,गुब्बारे, और रंग-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।होली उत्सव समिति के अध्यक्ष बृजेश सक्सेना, सचिव सुरेश सोडानी, कोषाध्यक्ष गुणवंत ऐरन सहित अन्य सदस्यों ने सभी शहरवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। गैर बारादरी से प्रारंभ होकर नया बाजार घंटाघर, सराफा बाजार, तिलक मार्ग और पुस्तक बाजार से होती हुई 40 चौराहा पहुंची, जहां विधिवत समापन किया गया। मार्ग में व्यापारियों और आमजन ने कलर गुलाल डाल कर गैर का स्वागत किया।होली का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह रंगों का त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। प्रह्लाद और होलिका की कथा हमें सत्य और भक्ति की शक्ति का बोध कराती है। होली के दिन लोग आपसी मनमुटाव भूलकर गले मिलते हैं और रिश्तों में नई मिठास घोलते हैं। रंगों के माध्यम से समाज में समानता और एकता का संदेश दिया जाता है।शहर की अन्य कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में भी होली का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने रंग-गुलाल लगाकर और मिठाइयों का आदान-प्रदान कर खुशियां बांटीं। इस तरह पूरा शहर होली के रंग में सराबोर नजर आया।







