नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। गुरुवार को बिजली कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने भाग लिया। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और शासन-प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से उनकी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का निराकरण,आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ठोस नीति बनाना तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के स्थानांतरण में पारदर्शिता लाना शामिल है।इसके अलावा कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, विद्युत कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को समान सुविधाएं देने तथा ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने की भी मांग उठाई। अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का निराकरण तथा उच्च शिक्षित डिप्लोमा धारकों को पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों ने पूर्व में भी ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचाई थीं, लेकिन निराकरण नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पहले ज्ञापन, फिर जिला स्तर पर धरना और आगे चलकर प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन एवं हड़ताल की योजना बनाई गई है।धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कर्मचारियों में अपनी मांगों को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक पहल करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।







