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सीआरपीएफ शौर्य दिवस: रण ऑफ कच्छ के वीरों को नीमच में भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Mahendra Upadhyay
3 Min Read
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा गुरुवार को नीमच स्थित कैम्पस में शौर्य दिवस बड़े सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया। यह दिन भारतीय वीरता और अदम्य साहस का प्रतीक है, जब 09 अप्रैल 1965 को पाकिस्तान की सेना ने ‘ऑपरेशन डेजर्ट हॉक’ के तहत गुजरात के रण ऑफ कच्छ क्षेत्र में भारतीय सीमा पर हमला किया था।उस समय सीआरपीएफ की द्वितीय बटालियन की मात्र दो कंपनियां सरदार और टॉक पोस्ट पर तैनात थीं। अल सुबह करीब 3:30 बजे पाकिस्तानी सेना की पूरी ब्रिगेड ने भारी सैन्य शक्ति के साथ भारतीय चौकियों पर धावा बोल दिया। संख्या और संसाधनों में कमजोर होने के बावजूद,सीआरपीएफ के जवानों ने अद्भुत साहस और वीरता का परिचय देते हुए लगभग 12 घंटे तक दुश्मन का डटकर मुकाबला किया। इस भीषण संघर्ष में भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।इस ऐतिहासिक युद्ध में पाकिस्तान के 34 सैनिक मारे गए और चार को जीवित पकड़ लिया गया, जबकि देश की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ के सात जवान वीरगति को प्राप्त हुए। यही कारण है कि यह दिन भारतीय पुलिस और सैन्य इतिहास में विशेष महत्व रखता है और हर वर्ष शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नीमच के सीआरपीएफ कैम्पस में त्रिगंजा शौर्य स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप केन्द्र के कमाण्डेंट प्रमोद कुमार साहू, आरटीसी के कमाण्डेंट छुट्टन ठाकुर, सीटीसी के कमाण्डेंट जितेन्द्र कुमार गुप्ता, 4 सिग्नल बटालियन के कमाण्डेंट हरबिन्दर सिंह तथा विशेष चिकित्सा अधिकारी डॉ. संस्तृति शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं जवानों ने अमर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया।इसके बाद क्वार्टर गार्ड पर ‘रण ऑफ कच्छ’ से लाई गई पवित्र माटी से भरे कलश पर माल्यार्पण कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के दौरान वीरता और बलिदान की गाथाओं को याद करते हुए सभी ने देश सेवा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में ग्रुप केन्द्र नीमच के मेंस क्लब में कमाण्डेंट प्रमोद कुमार साहू की अध्यक्षता में विशेष सैनिक सम्मेलन भी आयोजित किया गया। सम्मेलन में शौर्य दिवस के इतिहास और महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच कार्मिकों को डीजी डिस्क और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर सीआरपीएफ कैम्पस के सभी संस्थानों में पारंपरिक रूप से ‘बड़ा खाना’ का आयोजन भी किया गया, जिसमें अधिकारियों और जवानों ने एक साथ भोजन कर आपसी भाईचारे और एकजुटता का परिचय दिया। यह आयोजन वीर शहीदों के सम्मान और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का प्रतीक बना।

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