नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले के सुवाखेड़ा गांव में एक बार फिर न्याय की गुहार लगाते हुए किसान कमलेश डांगी ने हाई वोल्टेज ड्रामा कर दिया। बुधवार सुबह करीब 5 बजे वह बीएसएनएल के लगभग 120 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया और प्रशासन को मौके पर बुलाने की मांग करने लगा। करीब 6 घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद सुबह 10:30 बजे वह नीचे उतरा।कमलेश डांगी का आरोप है कि उसने अपनी 11 बीघा जमीन करीब 64 लाख रुपए में बेची थी, लेकिन उसे मात्र 1.50 लाख रुपए ही प्राप्त हुए। शेष राशि के संबंध में उसका कहना है कि रकम उसके खाते में आने के बाद भी उसे नहीं मिली और धोखाधड़ी कर निकाल ली गई। इसी मामले को लेकर वह पहले भी 17 दिसंबर को टावर पर चढ़ चुका है, तब प्रशासन ने एक माह में जांच पूरी करने का आश्वासन दिया था।पीड़ित का कहना है कि तय समय सीमा के बजाय चार माह बीत जाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिला, जिससे आक्रोशित होकर उसने यह कदम दोबारा उठाया। टावर पर चढ़े कमलेश ने एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग की और बाद में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सहित संबंधित आरोपियों को बुलाने पर अड़ा रहा।मौके पर अपर कलेक्टर बी.एल. कलेस, एसडीएम प्रीति संघवी, एसडीओपी रोहित राठौर और जावद थाना प्रभारी विकास पटेल सहित प्रशासनिक अमला पहुंचा। अधिकारियों ने लगातार समझाइश और बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारा,जिसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।अपर कलेक्टर बी.एल. कलेस ने बताया कि मामला वर्ष 2017 में जमीन विक्रय से जुड़ा है। भूमि का भुगतान बैंक खाते में आने की पुष्टि हुई है, लेकिन कमलेश का दावा है कि उसे यह राशि प्राप्त नहीं हुई। खाते से राशि निकासी की जांच की जा रही है।अलग-अलग रजिस्ट्री में लगभग 30-30 लाख रुपए के लेन-देन का उल्लेख है।प्रशासन ने एक बार फिर 20 दिन में जांच पूरी कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं कमलेश डांगी का कहना है कि जब तक उसे उसकी जमीन या पूरा पैसा नहीं मिलेगा,वह संतुष्ट नहीं होगा।







