नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। शहर में शिक्षा को प्रोत्साहन देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता के उद्देश्य से पालक संघ द्वारा आयोजित नि:शुल्क बुक एक्सचेंज मेला रविवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह आयोजन शहर के पीएमश्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-02 परिसर में किया गया,जहां सुबह से ही छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखने को मिली।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गौ सेवक पार्थ जोशी एवं विशिष्ट अतिथि मितेश अहीर की उपस्थिति में नन्हीं बालिका अक्षिता शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देते हैं और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं।पालक संघ के जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी यह मेला आयोजित किया गया है और यह इसका दूसरा सफल आयोजन है। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराना है,ताकि वे बिना आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इस वर्ष लगभग 1000 बच्चों को पुस्तक एक्सचेंज के माध्यम से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया था।मेले में छात्र-छात्राएं अपनी पुरानी लेकिन उपयोगी किताबें लेकर पहुंचे और बदले में उन्हें अगली कक्षा की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस व्यवस्था से जहां एक ओर विद्यार्थियों को नई कक्षा की पुस्तकें सहज रूप से मिल गईं, वहीं दूसरी ओर पुरानी पुस्तकों का पुनः उपयोग भी सुनिश्चित हुआ।कार्यक्रम के दौरान पुस्तक दान अभियान के तहत कई लोगों ने स्वेच्छा से नई कॉपियां एवं अन्य स्टेशनरी सामग्री भी दान की,जिसे जरूरतमंद बच्चों में वितरित किया गया।आयोजन में पालक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान आशा सांभर, शशिकांत दुबे, संजय नागदा, कपिल शुक्ला, सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे और व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया।अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल आर्थिक राहत मिलती है, बल्कि बच्चों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनता है।पालक संघ द्वारा भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं शैक्षणिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही गई है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।







