नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर वेंकटेश्वर मित्र मंडल द्वारा सेवा और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया गया। मंडल के सदस्यों ने सुखानंद धाम पहुंचकर वानरों की विशेष सेवा का आयोजन किया,जिसमें 651 किलो फलों के साथ केले,चने,बाटी और गुड़ का वितरण किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य बेजुबान जीवों के प्रति दया और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना था।मंडल के सदस्य किशोर चंदेल ने सागर मंथन को बताया कि वेंकटेश्वर मित्र मंडल निरंतर समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय रहा है। हनुमान जन्मोत्सव के इस विशेष अवसर पर वानरों की सेवा कर भगवान हनुमान के प्रति श्रद्धा अर्पित की गई। उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा पूर्व में भी सर्दी के मौसम में 351 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए थे। इसके अलावा 751 किलो सब्जियां एकत्र कर गौशालाओं और अन्य स्थानों पर गायों को खिलाने का कार्य भी किया गया है।मंडल के सदस्य आतिश गोड़ ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य केवल सेवा करना है।उन्होंने कहा कि जहां इंसान अपनी भूख को व्यक्त कर सकता है,वहीं बेजुबान जीव ऐसा नहीं कर पाते। विशेषकर गर्मी के मौसम में जब जंगलों का क्षेत्र कम होता जा रहा है, तब वानरों और अन्य जीवों के सामने भोजन और आवास का संकट उत्पन्न हो रहा है। ऐसे में मंडल का यह छोटा सा प्रयास इन जीवों के लिए राहत का माध्यम बना है।इस सेवा कार्य के दौरान सुखानंद धाम में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में अनिल तोतला,किशोर चंदेल, रुपेश शर्मा,पंडित शंकर शास्त्री,ममता गोड़, शारदा चंदेल,चंचल राठौर,प्रेम सिंह प्रजापत, ऋषभ शर्मा,टीकम सिंह, रोहित प्रजापति,श्याम, सुनील नागदा,नीलेश शर्मा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई।वेंकटेश्वर मित्र मंडल का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा है।







