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मोगिया-गोंड समाज का हक दिलाने उठी आवाज, एसटी प्रमाण-पत्र जारी करने की मांग तेज

Mahendra Upadhyay
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नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। मोगिया गोंड आदिवासी समाज सेवा संगठन मध्यप्रदेश ने मोगिया/मोग्या एवं मोध्या जनजाति के लोगों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने इस मुद्दे पर शासन के स्पष्ट निर्देशों और न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग एवं राजस्व विभाग, भोपाल द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों में मोगिया/मोग्या और मोध्या जनजाति के लोगों को एसटी श्रेणी में प्रमाण-पत्र देने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही माननीय उच्च न्यायालय ने भी इस संबंध में स्पष्ट निर्णय दिया है, जिसके बावजूद नीमच जिले में बड़ी संख्या में पात्र लोगों को आज तक अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाया है।संगठन का कहना है कि इस लापरवाही के कारण समाज के लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। यह स्थिति उनके सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा बन रही है।ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर मोगिया/मोग्या एवं मोध्या जनजाति के पात्र व्यक्तियों के एसटी प्रमाण-पत्र बनाए जाएं। साथ ही पूर्व में जारी अनुसूचित जाति (एससी) के प्रमाण-पत्रों को निरस्त कर उन्हें सही वर्ग में परिवर्तित किया जाए, ताकि वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार मिल सके।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घीसालाल भाटी ने कहा कि समाज के लोगों को लंबे समय से उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि शासन के आदेशों का गंभीरता से पालन करते हुए जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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