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रिश्वत मामले में जनपद अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग,शिकायत कर्ताओ ने किया सत्याग्रह-उपवास,कलेक्टर कार्यालय में किया प्रदर्शन

Mahendra Upadhyay
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नीमच। महेंद्र उपाध्याय। जावद जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपाल चारण पर रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर मंगलवार को शहर में गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सत्याग्रह और उपवास रखकर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल निर्णय लेने की अपील की।प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बैनर और नारे के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। उनका आरोप था कि पंचायत स्तर पर हुए आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है,जिससे आमजन में आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिकायतें और जांच होने के बावजूद जिम्मेदारों को बचाया जा रहा है।इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण को लोकायुक्त द्वारा रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था, इसके बावजूद उन्हें अब तक पद से नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत कलेक्टर को ऐसे मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार है,लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।प्रदर्शनकारियों ने सिंगोली क्षेत्र की एक पंचायत का भी मुद्दा उठाया, जहां आर्थिक अनियमितताओं की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद भी संबंधित सरपंच पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया। उनका कहना था कि इस तरह की लापरवाही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी। अधिकारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर कलेक्टर से मुलाकात करने का अनुरोध भी किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर अडिग रहते हुए सत्याग्रह और उपवास जारी रखा।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण और संबंधित सरपंच को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए,ताकि आमजन का विश्वास प्रशासन में बना रहे।

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