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नीमच में विंग की कार्रवाई पर विवाद: निर्दोष को फंसाने का आरोप,जांगिड़ समाज ने डीजीपी से निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सोपा ज्ञापन

Mahendra Upadhyay
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नीमच।महेंद्र उपाध्याय।शहर में नारकोटिक्स विंग की एक हालिया कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।विश्वकर्मा जांगिड़ समाज (सुथार समाज) नीमच ने पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों का कहना है कि नारकोटिक्स प्रकरण में आरोपियों के नामों में बदलाव कर पूरी कार्रवाई को संदिग्ध बना दिया गया है। उनका आरोप है कि प्रारंभिक जानकारी में जिन व्यक्तियों के नाम सामने आए थे, उन्हें बाद में प्रकरण से हटा दिया गया, जबकि निरंजन पिता राजमल सुथार, निवासी नीमच सिटी,को आरोपी बना दिया गया। इस बदलाव से जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।समाज का दावा है कि निरंजन सुथार पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निखिल, पवन और आर्यन नामक व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने स्वयं को बचाने के लिए निरंजन को प्रकरण में शामिल करवाया।समाजजनों के अनुसार यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिससे वास्तविक आरोपी बच सकें।मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि निरंजन सुथार को संबंधित आरोपियों द्वारा उनकी दुकान से बुलाकर अपने साथ ले जाया गया था। समाज का कहना है कि इस घटनाक्रम के वीडियो फुटेज भी उपलब्ध हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर सकते हैं। यदि इन साक्ष्यों को निष्पक्ष जांच में शामिल किया जाए, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।समाज ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों की गहन जांच की जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। साथ ही, यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कलेक्टर नीमच एवं पुलिस अधीक्षक को भी प्रेषित की गई है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

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