नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले के मनासा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खेड़ी दायमा में शुक्रवार को एक ऐसी मार्मिक और चिंताजनक घटना सामने आई, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। गांव के श्मशान घाट की बदहाली के कारण शोक संतप्त परिवार और ग्रामीणों को अंतिम संस्कार से पहले खुद ही कंटीली झाड़ियों को साफ करना पड़ा।जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।जानकारी के अनुसार, गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद जब परिजन शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां का नजारा किसी जंगल से कम नहीं था। पूरे परिसर में घनी झाड़ियां और अव्यवस्था फैली हुई थी, जिससे अंतिम संस्कार करना संभव नहीं था। ऐसे हालात में ग्रामीणों ने संवेदनाओं को एक ओर रखकर करीब एक घंटे तक मेहनत कर झाड़ियों को हटाया, तब जाकर दाह संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी।यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का भी जीता-जागता उदाहरण है। श्मशान घाट जैसी अत्यंत आवश्यक जगह की ऐसी दुर्दशा ने पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने जल्द से जल्द श्मशान घाट की साफ-सफाई व समुचित व्यवस्था की मांग की है।यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए खुद ही संघर्ष करना पड़ेगा, और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते रहेंगे।







