नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। राजनीति के व्यस्त दौर में अक्सर जनप्रतिनिधियों का जीवन कार्यक्रमों और बैठकों तक सीमित दिखाई देता है, लेकिन जब कोई जनसेवक मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हुए जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा हो जाता है तो वह समाज के लिए मिसाल बन जाता है। ऐसा ही एक मार्मिक और प्रेरणादायक उदाहरण नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार ने प्रस्तुत किया, जब उन्होंने एक गरीब परिवार की बेटी के विवाह में न सिर्फ सहयोग किया बल्कि पिता की परंपरा निभाते हुए कन्यादान भी किया।
जिले के ग्राम जमुनिया खुर्द निवासी भंवरलाल खारोल की पोती ज्योति खारोल का विवाह कुछ समय पूर्व तय हुआ था। परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और विवाह की तैयारियां करना उनके लिए बेहद कठिन हो रहा था। ऐसे में दादा भंवरलाल खारोल ने उम्मीद के साथ नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार से संपर्क किया और पोती की शादी में आ रही आर्थिक परेशानियों से अवगत कराया।स्थिति को समझते ही विधायक परिहार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत मदद का आश्वासन दिया और ज्योति की शादी की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने का संकल्प किया। उन्होंने विवाह से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली और परिवार को किसी भी प्रकार की चिंता नहीं रहने दी।जब विधायक दिलीपसिंह परिहार विवाह समारोह में शामिल होने के लिए जमुनिया खुर्द पहुंचे तो वहां का माहौल भावुक हो गया। दादा भंवरलाल खारोल की आंखें खुशी और कृतज्ञता से नम हो गईं। उन्होंने विधायक परिहार को गले लगाकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान विधायक भी भावुक हो गए और कहा कि उनका परिवार भी जीवन में आर्थिक कठिनाइयों से गुजर चुका है, इसलिए वे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पीड़ा को भलीभांति समझते हैं।विधायक परिहार ने कहा कि ईश्वर का आभार है कि उन्हें गांव की गरीब बेटी के विवाह में पिता का दायित्व निभाने और कन्यादान करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं बल्कि आत्मिक संतोष का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ केवल विकास कार्य कराना नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के साथ खड़े रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।विवाह समारोह में विधायक परिहार ने स्वयं अभिभावक की भूमिका निभाते हुए सभी रस्मों में भाग लिया। उन्होंने परंपरा अनुसार दूल्हे के पैर पूजे और कन्यादान की पवित्र रस्म निभाई। विवाह के बाद नवदंपत्ति को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए आवश्यक गृहस्थी का सामान भी भेंट किया। साथ ही विवाह समारोह में आए बारातियों और ग्रामीणों के लिए भोजन व्यवस्था भी सम्मानपूर्वक कराई गई।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष किशोरदास बैरागी, महामंत्री वीरेंद्रसिंह राठौर,नवीन खारोल,शालिग्राम खारोल,ओमसिंह हाड़ा, शुभम शर्मा,हितेश नामदेव,लोकेश चांगल सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।विधायक परिहार के इस मानवीय और संवेदनशील कार्य की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि राजनीति से ऊपर उठकर किसी गरीब परिवार की बेटी के विवाह में पिता की भूमिका निभाना वास्तव में एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने न केवल जनप्रतिनिधि बल्कि एक सच्चे अभिभावक का धर्म निभाते हुए समाज को मानवता और संवेदनशीलता का संदेश दिया है।
गांव की बेटी के विवाह में विधायक दिलीपसिंह परिहार ने निभाई पिता की परंपरा, किया कन्यादान,संवेदनशील जनप्रतिनिधि ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का संभाला दायित्व, भावुक माहौल में हुई विदाई







