Ads Slider

सत्ता का दबाव या पुलिस की पक्षपात कार्यवही, जिला पंचायत अध्यक्ष पर पद के दुरुपयोग का आरोप, सरपंच पति को फंसाने की साजिश का दावा,थाने में हंगामा

Mahendra Upadhyay
4 Min Read

नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।सगराना गांव में निर्माणाधीन फैक्ट्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था से निकलकर खुला राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब महिला सरपंच रानी बाई ने कैंट थाने पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। सरपंच का आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान अपने पद और राजनीतिक रसूख का दुरुपयोग कर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं,ताकि उनके पति विक्रम सिंह राजपूत को झूठे मामले में फंसाया जा सके।दरअसल,शुक्रवार को गोल्डक्रैश फैक्ट्री परिसर में जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे इंद्रजीत सिंह और भांजे आदित्य के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने जीपअध्यक्ष पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज किया, लेकिन सरपंच पक्ष का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई एकतरफा है और इसमें सत्ता का खुला हस्तक्षेप दिखाई दे रहा है। महिला सरपंच रानी बाई का आरोप है कि फैक्ट्री में भुगतान और रेत सप्लाई को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष के परिजन दबाव बनाने पहुंचे थे, जहां कहासुनी के बाद विवाद बढ़ा। अब उसी घटना को तोड़-मरोड़कर उनके परिवार को अपराधी के रूप में पेश किया जा रहा है।महिला सरपंच ने कैंट थाने में पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के सामने जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनके पति विक्रम सिंह और देवर महेंद्र सिंह को राजनीतिक रंजिश के चलते निशाना बनाया जा रहा है। सरपंच का आरोप है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय केवल प्रभावशाली लोगों की बात सुन रही है।उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो,तो सच्चाई सामने आ जाएगी और यह साबित हो जाएगा कि उनके परिवार को जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है।सरपंच पक्ष का यह भी आरोप है कि विवाद की जड़ फैक्ट्री परिसर में जिला पंचायत अध्यक्ष का अनावश्यक हस्तक्षेप है। रानी बाई के अनुसार, रेत सप्लाई और अन्य कार्यों को लेकर अध्यक्ष पक्ष अपनी धौंस जमाना चाहता था,जिसका विरोध करने पर यह पूरा मामला खड़ा किया गया। अब उसी रसूख का इस्तेमाल कर पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है और उनके परिवार पर गंभीर धाराएं लगवाने की कोशिश की जा रही है।महिला सरपंच ने पुलिस द्वारा उनके परिजनों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पुराने मामलों को आधार बनाकर वर्तमान विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, ताकि गांव की राजनीति में उनकी छवि खराब की जा सके और उन्हें कमजोर किया जा सके। सरपंच का आरोप है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है।वहीं दूसरी ओर,कैंट पुलिस का कहना है कि उन्हें जो शिकायत प्राप्त हुई है,उसके आधार पर ही मामला दर्ज किया गया है और जांच कानून के दायरे में की जा रही है। पुलिस का दावा है कि किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सरपंच पक्ष के गंभीर आरोपों के बाद पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने की बात कह रही है, जबकि महिला सरपंच और उनका परिवार न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने की चेतावनी दे रहा है। सगराना का यह मामला अब केवल एक मारपीट की घटना नहीं, बल्कि सत्ता, रसूख और राजनीति के टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है।

Share This Article