नीमच। महेंद्र उपाध्याय।नीमच रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मानसिक तनाव से जूझ रहे एक 55 वर्षीय व्यक्ति ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता और जीआरपी पुलिस की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया और युवक की जान बचा ली गई। घटना के बाद पुलिस ने युवक का प्राथमिक उपचार कराते हुए काउंसलिंग कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।सागर मंथन को प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जमुनिया कला निवासी 55 वर्षीय राजेश पाटनी पिता शांति लाल पाटनी नामक व्यक्ति गुरुवार को नीमच रेलवे स्टेशन पहुंचा था। स्टेशन पर कुछ देर तक इधर-उधर घूमते हुए उसके हाव-भाव असामान्य नजर आ रहे थे। वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों को उसके व्यवहार से किसी अनहोनी की आशंका हुई, जिस पर उन्होंने तत्काल जीआरपी थाने को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति पर नजर रखने लगी।इसी दौरान राजेश ने रतलाम से आगरा की ओर जा रही आगरा फोर्ट एक्सप्रेस के सामने अचानक छलांग लगा दी। जैसे ही यह दृश्य लोको पायलट की नजर में आया,उन्होंने बिना देर किए आपात ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। लोको पायलट की सूझबूझ से ट्रेन समय रहते रुक गई, जिससे युवक की जान बच गई। इसके तुरंत बाद जीआरपी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को पटरी से बाहर निकाला।घटना में राजेश को शरीर के कुछ हिस्सों में मामूली चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद पुलिस द्वारा उसकी काउंसलिंग की गई। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि पारिवारिक उपेक्षा और आर्थिक तंगी के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद में था। उसका कहना था कि परिवार में कोई उसे प्यार नहीं करता और न ही कोई उसे रखने को तैयार है, जिससे वह खुद को असहाय महसूस कर रहा था।जीआरपी पुलिस थाना प्रभारी के एल भाटी ने सागर मंथन को बताया कि समय रहते मिली सूचना, यात्रियों की सजगता और लोको पायलट की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। काउंसलिंग के बाद युवक को समझाइश देकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव में नजर आए तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।







