
नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।नीमच शहर के बघाना क्षेत्र में वर्षों से लंबित रेलवे फाटक की गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में शुरू हुई 35 करोड़ रुपये की रेलवे ओवरब्रिज (ROB) परियोजना फिलहाल ड्राइंग अप्रूवल की तकनीकी प्रक्रिया में फंसकर धीमी पड़ गई है। लगातार जाम, दुर्घटनाओं और समय की बर्बादी से त्रस्त क्षेत्रवासियों के लिए यह ओवरब्रिज बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा था,लेकिन बीते सात दिनों से रेलवे ओर अन्य विभागों द्वारा ड्राइंग अप्रूव न किए जाने के कारण निर्माण कार्य ठहराव की स्थिति में है।परियोजना के तहत प्रथम चरण में अतिक्रमण हटाने, सर्विस रोड निर्माण और फाउंडेशन वर्क को प्राथमिकता दी गई। वर्तमान स्थिति में ओवरब्रिज के दोनो लेन (Span) के अतिरिक्त दोनों साइड की पाइल फाउंडेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

तकनीकी रूप से यह चरण महत्वपूर्ण माना जाता है,क्योंकि पाइल फाउंडेशन पूरे स्ट्रक्चर की लोड-बेयरिंग क्षमता सुनिश्चित करता है। इसके बावजूद रेलवे ब्रिज (Super Structure) निर्माण की प्रक्रिया ड्राइंग अप्रूवल के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रही है।इस संबंध में रेलवे ब्रिज निर्माण प्रोजेक्ट मैनेजर मनजीत चौधरी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया,
“वर्तमान में रेलवे ओवरब्रिज के दो लेन का कार्य पूर्ण हो चुका है। दोनों ओर की पाइल फाउंडेशन भी तैयार है। नीमच से छोटी सादड़ी मार्ग की ओर रेलवे कॉलोनी साइड तीसरे पाइल का कार्य प्रस्तावित है, लेकिन रेलवे से ड्राइंग अप्रूवल नहीं मिलने के कारण पाइलिंग मशीन पिछले सात दिनों से खड़ी है। यदि ड्राइंग को शीघ्र स्वीकृति मिलती है तो कार्य को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत आगे बढ़ाया जाएगा।”
प्रोजेक्ट मैनेजर ने यह भी बताया कि साइट पर खड़ी पाइलिंग मशीन का मासिक किराया लगभग 12 लाख रुपये है, जिससे ठेकेदार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और परियोजना की टाइमलाइन भी प्रभावित हो रही है। तकनीकी दृष्टि से यह देरी न केवल कॉस्ट ओवररन का कारण बन सकती है, बल्कि मानसून से पहले निर्धारित कार्य पूरे करने की योजना पर भी असर डाल सकती है।
वहीं इस पूरे मामले पर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा,“ब्रिज ठेकेदार द्वारा तैयार की गई ड्राइंग रेलवे का कार्य रेलवे के ऊपर की ड्राइंग और निर्माण का रहता है हमारी ओर से ड्राइंग पीडब्ल्यूडी को भेजी गई है जो उनके पास ही है जिसे वे ओके रिपोर्ट देंगे उसके बाद क्लेक्टर की तरफ से अप्रूवल मिलेगा इसके बाद उक्त ड्राइंग रेलवे मुख्यालय पर पहुंचेगी वहां से अप्रूवल होने के बाद रेलवे पटरी के ऊपर का कार्य विभाग खुद करता है रेलवे के बाहर का कार्य एमपी डब्ल्यूडी से ओके होने के बाद का है हम ड्राइंग देख चुके है, जिसे रेलवे के माध्यम से पीडब्ल्यूडी विभाग को अग्रेषित कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी से अप्रूवल के बाद फाइनल रिपोर्ट कलेक्टर के माध्यम से आएगी। उसके पश्चात रेलवे विभाग द्वारा ठेकेदार को औपचारिक अप्रूवल दिया जाएगा। हमारी ओर से किसी प्रकार की लेटलतीफी नहीं है, प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है। 
इस संबंध में नीमच पीडब्ल्यूडी अधिकारी अमित नरगेश से फोन पर दो बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की, जिससे विभागीय स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

स्थानीय निवासियों के अनुसार,यह परियोजना स्वीकृति मिलने के बाद लंबे समय तक कागजी प्रक्रियाओं में उलझी रही थी,लेकिन अब जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संयुक्त पहल से इसे गति मिली है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा स्वयं इस प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक या तकनीकी बाधा न आए।
बघाना ओवरब्रिज के पूर्ण होने के बाद शहर का पश्चिमी हिस्सा सीधे मुख्य मार्ग से जुड़ेगा, रेलवे फाटक पर लगने वाला जाम समाप्त होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। अब निगाहें केवल ड्राइंग अप्रूवल पर टिकी हैं,जिससे यह बहुप्रतीक्षित परियोजना फिर से रफ्तार पकड़ सके।







