नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।नीमच कृषि उपज मंडी में 20 वर्षों बाद हो रहे व्यापारी संघ चुनाव ने अब निर्णायक मोड़ नजदीक आता जा रहा है। चुनाव में अब केवल एक दिन शेष रह गया है और पूरे मंडी परिसर में बदलाव की सुगबुगाहट साफ महसूस की जा सकती है। अध्यक्ष पद के लिए इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो गया है। एक ओर जहां लंबे समय से अध्यक्ष पद पर काबिज भाजपा नेता राकेश भारद्वाज हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें सीधी और मजबूत चुनौती देते हुए गोपाल गर्ग (जीजी) मैदान में डटे हुए हैं। चुनावी माहौल को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि इस बार गोपाल जीजी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। पिछले 20 वर्षों से चले आ रहे एकतरफा नेतृत्व से व्यापारी वर्ग, खासकर युवा व्यापारी,अब बदलाव के मूड में दिखाई दे रहे हैं। जीजी के समर्थन में मंडी के भीतर स्वतःस्फूर्त माहौल बनता नजर आ रहा है। युवा व्यापारी खुलकर कह रहे हैं कि अब मंडी को नया नेतृत्व और नई सोच चाहिए।
इधर, राकेश भारद्वाज की स्थिति को मजबूत करने के लिए भाजपा ने भी पूरी ताकत झोंक दी है।हालात ऐसे बने कि विधायक को स्वयं मैदान में उतरकर प्रचार करना पड़रहा है, ताकि पुराने समीकरणों को संभाला जा सके और पलड़ा अपने पक्ष में किया जा सके। विधायक सहित पार्टी के कई युवा नेता लगातार मंडी पहुंचकर व्यापारियों से संपर्क साध रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि मुकाबला कितना गंभीर हो चुका है।इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत युवाओं की निर्णायक भूमिका है। कुल मतदाताओं में करीब 50 से 60 प्रतिशत युवा व्यापारी हैं,जिन्हें पिछले दो दशकों से मतदान का अवसर नहीं मिला था। अब पहली बार वोट डालने का अधिकार मिलने से युवा वर्ग में जबरदस्त उत्साह है। वे अपने मत की ताकत से अध्यक्ष और कार्यकारिणी चुनने को आतुर हैं।कार्यकारिणी सदस्यों के लिए भी कुल 18 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें अधिकांश युवा चेहरे शामिल हैं। विक्रम अजमेरा, विकास गोयल, नवीन अग्रवाल, कार्तिक खंडेलवाल, प्रशांत गोयल, अजय सिंह कछावा, मनीष जैन, मनीष गर्ग जैसे नाम युवा नेतृत्व की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।अब जबकि 4 जनवरी को मतदान होना है और चुनाव में केवल एक दिन शेष है, मंडी के हर चबूतरे, दुकान और गलियारे में सिर्फ एक ही चर्चा है—क्या इस बार इतिहास बदलेगा?
मंडी चुनाव में बदलाव की आंधी,गोपाल ‘जीजी’ का पलड़ा भारी,संतुलन साधने मैदान में उतरे विधायक







