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दो साल की उपलब्धियों का बखान,पर स्थानीय सवालों पर चुप्पी,नीमच में प्रभारी मंत्री की प्रेस वार्ता में विकास के आंकड़े भारी,भादवा माता कॉरिडोर,सांदीपनि विद्यालय,धानुका फेक्ट्री,जिला हॉस्पिटल की घूसखोरी के तीखे सवालों में घिरे मंत्री

Mahendra Upadhyay
4 Min Read

नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।महिला एवं बाल विकास विभाग तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया गुरुवार को नीमच दौरे पर रहीं। इस दौरान कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जिले में हुई उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी देना रहा, लेकिन पत्रकारों द्वारा उठाए गए जमीनी और संवेदनशील स्थानीय मुद्दों पर प्रभारी मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं।प्रभारी मंत्री ने कहा कि बीते दो वर्षों में नीमच जिले ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि नीमच अब सौर ऊर्जा के हब के रूप में पहचान बना रहा है। सिंगोली तहसील के ग्राम बड़ी कवई में 300 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है, जिससे विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। इसके साथ ही जिले को 350 करोड़ रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज भवन की सौगात मिली है, जहां एमबीबीएस की 100 सीटों पर पढ़ाई शुरू हो चुकी है और वर्तमान में दूसरे सत्र में 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।उद्योगों की बात करते हुए उन्होंने बताया कि जिले में 150 नए एमएसएमई उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें 118 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है और 1096 लोगों को रोजगार मिला है। वहीं एमपीआईडीसी के माध्यम से 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें 5269 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 4935 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। जावद क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा को लेकर किए गए नवाचार का भी उल्लेख किया गया, जहां 1400 विद्यार्थी एआई की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा मनासा में 100 बिस्तरीय नवीन सिविल अस्पताल को भी बड़ी उपलब्धि बताया गया।
हालांकि प्रेस वार्ता का माहौल उस समय बदला, जब पत्रकारों ने स्थानीय समस्याओं को लेकर सवाल उठाने शुरू किए। नीमच में सांदीपनि विद्यालय के लिए भूमि चयन ओर निर्माण, मेडिकल कॉलेज में 400 बेड की स्वीकृति, बंगला बगीचा विस्थापन, भादवा माता कॉरिडोर,जीला हॉस्पिटल में उपचार के नाम पर वसूली, नयागांव रेलवे फाटक की समस्या, राजस्व एवं अतिक्रमण से जुड़े मामले, गोवंश संरक्षण, मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर और रहवासी क्षेत्रों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध जैसे अहम मुद्दे उठाए गए।इसके साथ ही धानुका सोया प्लांट से निकलने वाली बदबू और चिमनी से उठने वाले धुएं ओर जीरो वेस्ट का मामला भी प्रमुखता से सामने आया।इन सवालों पर प्रभारी मंत्री ठोस और स्पष्ट जवाब देने में असहज नजर आईं।पर उचित कार्यवाही का आश्वाशन दिया।प्रेस वार्ता में जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक अनिरुद्ध मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कुल मिलाकर, प्रेस वार्ता में विकास के आंकड़े तो पेश किए गए, लेकिन नीमच की जमीनी समस्याओं पर जवाबों की कमी साफ तौर पर उजागर हुई।

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