नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के खिलाफ लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे पीड़ितों का आक्रोश अब निर्णायक रूप लेता दिखाई दे रहा है। कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित दक्षिण मुखी बालाजी हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रहा पीड़ितों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी लगातार जारी रहा। इसी दौरान दो पीड़ितों ने अपना मुंडन कराकर अपने केश व ज्ञापन हनुमान जी के चरणों में अर्पित किए, जो विरोध के बीच न्याय की गुहार का मार्मिक प्रतीक बन गया।प्रदर्शनकारी पीड़ितों ने बताया कि अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा वर्षों से उनका आर्थिक, मानसिक और सामाजिक शोषण किया जा रहा है। वर्ष 2024 से लगातार कई विभागों में शिकायतें दर्ज होने के बावजूद सहकारिता विभाग द्वारा न तो कोई ठोस जांच की गई, न ही सोसायटी के कथित विधि-विरुद्ध कार्यों पर कार्रवाई की गई। पीड़ितों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित कई केंद्रीय व राज्य स्तरीय विभागों को भी ज्ञापन भेजे, किंतु हर बार शिकायतें सहकारिता विभाग को भेजने के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।पीड़ितों का कहना है कि सहकारिता विभाग बार-बार यह कहकर पल्ला झाड़ता रहा कि उनके पास शिकायत संबंधी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण परेशान होकर पीड़ितों ने 15 फरवरी 2025 को लगभग 800 पन्नों का दस्तावेज जमा कराया, जिसमें सोसायटी द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों और पीड़ितों की शिकायतों का पूरा ब्यौरा था। लेकिन दस महीने गुजर जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हुई।आरोप है कि बिना जांच कार्रवाई के कारण सोसायटी के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और उसके प्रतिनिधि कथित रूप से पीड़ितों को जेल भेजने, संपत्ति कुर्क कराने जैसी धमकियाँ देकर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवार मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से बुरी तरह त्रस्त हैं।इसी अन्याय के खिलाफ मजबूर होकर पीड़ितों ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया, जो अब चौथे दिन भी जारी है।प्रदर्शनकारियों ने सहकारिता मंत्री से मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है और अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर न्याय दिलाने की अपील की।पीड़ितों ने कहा है कि जब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध अनवरत जारी रहेगा।







