नीमच।(महेंद्र उपाध्याय)विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने हाल ही में जारी अधिसूचना द्वारा गौमांस को करमुक्त घोषित किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की माँग की है। इस संबंध में गुरुवार को विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 18 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना में गोवंशीय पशुओं का मांस ताजा व ठंडा (टैरिफ शीर्षक 0201) करमुक्त घोषित किया गया है।सागर मंथन को परिषद ने कहा कि यह निर्णय न केवल मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के विपरीत है, बल्कि हिन्दू समाज की आस्थाओं को ठेस पहुँचाने वाला और सामाजिक असंतोष फैलाने वाला है।विहिप ने ज्ञापन में माँग की है कि अधिसूचना को तत्काल निरस्त किया जाए, गौमांस पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित हो तथा अवैध कसाइखानों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही जिला एवं राज्य स्तर पर कसाईखाना नियंत्रण समिति गठित कर निगरानी, मांस बाजारों में रैंडम सैंपल जाँच और गौमांस को खाद्य श्रेणी से बाहर रखने की बात भी कही। परिषद ने यह भी सुझाव दिया कि गौमूत्र व गोबर आधारित उत्पादों को करमुक्त कर गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएँ।ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो प्रदेश में व्यापक असंतोष और अशांति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। परिषद ने गौमाता को विश्व की माता बताते हुए संस्कृत श्लोक उद्धृत कर गौ रक्षा को धर्म बताया।
ज्ञापन सौंपने वालों में लक्ष्मण राठौर, विनोद जायसवाल, दिलीप ग्वाला, कपिल बैरागी, जगदीश नाकगर, सूरज ग्वाला, नितिन बागड़ी, पवन पुरोहित और हरीश यादव सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गौमांस करमुक्त अधिसूचना पर विहिप ने जताई आपत्ति, सोपा ज्ञापन







