नीमच।महेंद्र उपाध्याय।लंबे समय से प्रतीक्षित नीमच रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य अब तेजी पकड़ने जा रहा है। बुधवार को रेलवे ओवरब्रिज स्थल का निरीक्षण किया गया, जिसमें ब्रिज निर्माण कंपनी, नगर पालिका, विद्युत मंडल और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।सागर मंथन निरीक्षण के दौरान उन अवरोधों का जायजा लिया गया जिनके कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जैसे पानी की पाइपलाइन,ड्रेनेज और विद्युत पोल। इन अवरोधों को अन्यत्र शिफ्ट करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।नगर पालिका अधिकारी अन्नू सोलंकी ने सागर मंथन को बताया कि सेतु विभाग द्वारा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। सेतु विभाग से प्राप्त पत्र के आधार पर यह निरीक्षण किया गया, ताकि पाइपलाइन और विद्युत पोल को व्यवस्थित रूप से हटाकर निर्माण कार्य में कोई रुकावट न आए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका प्रशासन इस काम में पूरा सहयोग करेगा।ठेकेदार इंजीनियर मनजीत चौधरी ने सागर मंथन को जानकारी दी कि ओवरब्रिज निर्माण का कार्य आगामी दो से चार दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए आवश्यक मशीनरी और निर्माण सामग्री नीमच पहुंचने वाली है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की लागत लगभग 34 करोड़ रुपये है और इसे डेढ़ से दो वर्ष की समयावधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।निरीक्षण दल में ब्रिज निर्माण कंपनी इंडस्ट्रीज इंफ्रास्ट्रक्चर के ठेकेदार इंजीनियर मनजीत चौधरी, विद्युत मंडल से महेश ठाकुर, नगर पालिका से अनु सोलंकी और बाबू नईम खान, सुपरवाइजर नाथूलाल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने मिलकर स्थल का गहन निरीक्षण किया और कार्ययोजना पर चर्चा की। नीमच वासियों के लिए यह ओवरब्रिज किसी वरदान से कम नहीं होगा, क्योंकि वर्तमान में रेलवे फाटक पर आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती है। ओवरब्रिज तैयार होने के बाद शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी और यातायात सुगम होगा। साथ ही यह पुल शहर के विकास को नई दिशा देने का काम करेगा।करीब तीन दशक से प्रतीक्षित यह ओवरब्रिज अब अपने क्रियान्वयन की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है। निरीक्षण के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि दो से चार दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे नीमच शहर के नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की राह खुल गई है।







