नीमच।महेंद्र उपाध्याय।भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी पर बुधवार को शहर सहित अंचल में गणेशोत्सव हर्ष और उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। सर्वार्थ सिद्धि, रवि और लक्ष्मीनारायण जैसे शुभ योग में घर-घर और पंडालों में विघ्नहर्ता गणपति विराजमान हुए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों पर झूमते श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर पंडालों तक पहुंचे। शहर में इस वर्ष 125 से अधिक स्थानों पर गणपति की स्थापना की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
*परंपरा और श्रद्धा का संगम*
हिंदू मान्यता के अनुसार गणेशजी प्रथम पूजनीय देवता हैं। उनके पूजन से विघ्नों का नाश होता है और बुद्धि, बल व समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म अध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए चतुर्थी के दिन दोपहर का समय पूजन के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के तहत बुधवार को नीमच वासियों ने बड़े धूमधाम से गणेशजी की स्थापना की और 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हुई।
*शहर में छाए भव्य पंडाल*
शहर के दशहरा मैदान, लायंस पार्क चौराहा, विजय टॉकीज, गोमाबाई रोड, 40 नंबर चौराहा, चूड़ी गली, बघाना, नीमच सिटी और इंदिरा नगर समेत अनेक जगहों पर प्रतिमाएं विराजित हुईं। इस बार पंडालों की सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।रघुनंदन प्रसाद चौराहा पर 55 फीट ऊंचे पंडाल का अग्रभाग एलईडी से सजाया गया है, जिससे प्रतिदिन नए स्वरूप में पंडाल नजर आएगा।टैगोर मार्ग, फोर-जीरो चौराहा पर पहली बार शीशमहल की तर्ज पर पंडाल तैयार हुआ है, जहां 15 फीट ऊंची दिव्य गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है।विजय टॉकीज परिसर में 70 फीट ऊंचा पंडाल बना, जिसमें ‘नीमच चा राजा’ विष्णु-लक्ष्मी स्वरूप में विराजमान हैं। इनके पीछे शिवलिंग पर गंगा जलधारा से अभिषेक के साथ शिवालय का रूप दिया गया है।इसके अलावा दशहरा मैदान में गणपति ग्रुप, लायन पार्क के पास लावण्या ग्रुप, श्याम ग्रुप, पीपली चौक पर सिद्धि विनायक ग्रुप और विभिन्न मोहल्लों में अनेक मंडलों ने प्रतिमाएं स्थापित की हैं।
*सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन*
गणेशोत्सव के दस दिनों तक रोजाना विभिन्न झांकियां, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। बघाना, नयाबाजार, रामपुरा दरवाजा, माहेश्वरी मोहल्ला, अहीर मोहल्ला व अन्य इलाकों में स्थानीय युवा मंडल पारंपरिक झांकियों और भक्ति आयोजनों से उत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।
*बाजारों में उमड़ा उत्साह*
प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही बाजारों में सुबह से ही रौनक देखने को मिली। ढोल-ढमाकों और बैंड-बाजों के साथ गणपति प्रतिमाएं पंडालों तक पहुंचाई गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से गणपति बप्पा का स्वागत किया और पूरे क्षेत्र में “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे गूंजते रहे।
*10 दिन तक रहेगी गणेशभक्ति की धूम*
अब अगले 10 दिनों तक शहर भक्ति और उल्लास से सराबोर रहेगा। प्रतिदिन भजन, कीर्तन और झांकियों के बीच गणेशजी के दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी। अनंत चतुर्दशी पर जलविहार के साथ गणपति बप्पा की विदाई होगी।







