नीमच।महेंद्र उपाध्याय।नीमच रामपुरा दरवाजा ग्वाल बस्ती निवासी नाजिया बी पत्नी शाहरूख खान ने अपने ससुराल पक्ष और जावद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति, गृहमंत्री,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग सहित प्रदेश व जिला स्तर के अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है। पीड़िता ने कहा कि उसे झूठे आरोपों में फंसाकर न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि जबरन तलाक लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।पीड़िता ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसका विवाह करीब 7 वर्ष पूर्व शाहरूख खान से हुआ था। उनकी एक 3.5 वर्षीय बेटी भी है। ससुराल पक्ष के लोग,विशेषकर सास समा बी, जेठ युनुस और इमरान तथा जेठानियाँ अफसाना व शबनम उसे लगातार कामकाज छोड़ने का दबाव बनाते हैं और यह भी कहते हैं कि वह शाहरूख से तलाक ले ले तथा बच्ची को ससुराल में छोड़कर चली जाए।नाजिया के अनुसार, दो माह पूर्व उसने ससुराल जनों की प्रताड़ना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद से ही उन्हें घर से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 15 जुलाई 2025 को उसके पति व ससुरालजन जावद थाने पहुंचे और एक झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई कि नाजिया ने शाहरूख को दूध में जहर मिलाकर पिलाने की कोशिश की।
नाजिया ने बताया कि वह अपने पति से प्रेम करती है और कभी भी ऐसा अमानवीय कृत्य नहीं कर सकती। यदि वास्तव में ऐसा हुआ होता, तो शाहरूख को गंभीर हालत में होना चाहिए था, लेकिन वह रिपोर्ट के अगले ही दिन सामान्य रूप से जावद में घूमता फिर रहा था।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस थाना प्रभारी, बिना किसी ठोस सबूत के, नाजिया को सुबह 11 बजे से थाने में बैठाए हुए हैं और उसकी तीन वर्षीय मासूम बेटी को उससे अलग रखा गया है।बच्ची रोते-रोते बेहाल हो गई,लेकिन पुलिस की संवेदनहीनता और ससुराल पक्ष के प्रभाव के चलते मां-बेटी को अलग कर दिया गया।पीड़िता का आरोप है कि जावद पुलिस और सोसल मीडिया ने बिना उसकी बात सुने एकतरफा रिपोर्ट प्रकाशित कर दी, जिससे उसकी सामाजिक छवि को गहरा नुकसान हुआ है। पुलिस द्वारा कहा जा रहा है कि यदि वह तलाक नहीं लेती है तो उसे जहर देने के झूठे आरोप में जेल भेज दिया जाएगा।नाजिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह तलाक नहीं चाहती और पति-पत्नी के रूप में ही साथ रहना चाहती है। उसने यह भी आश्वासन दिया है कि वह लोगों के घर कामकाज नहीं करेगी, बशर्ते पति साथ रहने को तैयार हो।अब पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए सभी उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जावद थाना प्रभारी को ससुराल पक्ष के दबाव में आकर कार्रवाई करने से रोका जाए। साथ ही नाजिया ने मांग की है कि उसकी और उसकी बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वह न्यायपूर्ण जीवन जी सके।
ससुराल पक्ष ने झूठे आरोप लगाकर महिला को बैठाया थाने, तलाक के लिए बनाया जा रहा दबाव — पीड़िता ने राष्ट्रपति सहित उच्च अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार







