नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम दासिया में चने की फसल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर हिंसा में बदल गया है। इस घटना में घायल दलित परिवार के सदस्य जिला चिकित्सालय में भर्ती हैं, जहां बुधवार को उन्होंने तख्तियां लेकर न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी को भेरूलाल मोगिया के परिवार का गांव के ही मोहनसिंह और उसके पिता बाबूसिंह से चने की फसल को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने भेरूलाल की बहन नीतू के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत थाना अजाक में की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की।पीड़ितों का कहना है कि शिकायत के बाद से ही उन पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। इसी रंजिश के चलते 15 मार्च को आरोपियों ने दोबारा उनके घर और खेत पर हमला कर दिया। इस हमले में नीतू, उनके पिता प्रेमचंद और माता को लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। महिला और पुरुष के हाथ में फ्रैक्चर है,जबकि एक बालिका के सिर में गंभीर चोट आई है।घटना के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।अस्पताल में ही पीड़ित परिवार ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। तख्तियों पर “न्याय दो या सामूहिक आत्महत्या की अनुमति” जैसे संदेश लिखे हुए थे।प्रेमचंद्र मोगिया का कहना है कि यदि पहली शिकायत पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती, तो दोबारा हमला नहीं होता। उन्होंने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल परिवार भय के साए में जी रहा है और गांव छोड़ने की स्थिति में पहुंच चुका है।







