नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शहर में मवेशियों की बढ़ती समस्या अब आमजन के लिए गंभीर परेशानी और हादसों का कारण बनती जा रही है। ताजा मामला स्कीम नंबर 34 क्षेत्र का है, जहां एक दूध वाहक उस समय दुर्घटना का शिकार हो गया जब वह बाइक से घर-घर दूध पहुंचाने जा रहा था। अचानक सड़क पर घूम रहे मवेशी से उसकी टक्कर हो गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर पड़ा। इस दौरान बाइक पर रखी दूध की टंकियां भी गिर गईं और कई लीटर दूध सड़क पर बह गया। हालांकि दूध वाहक को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।शहर में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पशुओं के कारण न केवल वाहन चालकों को जोखिम उठाना पड़ रहा है,बल्कि कई बार मवेशी भी हादसों का शिकार होकर अपनी जान गंवा देते हैं। हाल ही में इंद्रानगर क्षेत्र में होलिका दहन के दिन दो सांडों की लड़ाई के बीच एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं विकास नगर में भी कुछ दिन पहले एक कार चालक ने गाय के बछड़े को टक्कर मार दी थी,जिससे उसकी मौत हो गई।इन घटनाओं के पीछे लापरवाह पशुपालकों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है, जो केवल दुधारू पशुओं को घर में रखते हैं और अन्य मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं।इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।आवश्यक है कि जिला प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए और लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई करे, ताकि शहर में बढ़ते हादसों पर रोक लगाई जा सके।







