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राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, 14 गोरक्षकों को राहत देने की उठी मांग

Mahendra Upadhyay
2 Min Read
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नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में समस्त हिंदू समाज, गोभक्तों एवं गोसेवकों ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपकर नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा तहसील से जुड़े 14 गोरक्षकों को मानवीय एवं संवैधानिक आधार पर राहत प्रदान करने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि गोमाता भारतीय संस्कृति, आस्था, सभ्यता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही है। देशभर में हजारों गोसेवक एवं गोरक्षक निस्वार्थ भाव से गोवंश की रक्षा, सेवा और संरक्षण का कार्य करते हैं। ऐसे में गोरक्षा कार्यों से जुड़े 14 गोरक्षकों को सुनाई गई सजा से उनके परिवारों के साथ-साथ समाज के एक बड़े वर्ग में चिंता और पीड़ा का वातावरण है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संबंधित गोरक्षक गोवंश संरक्षण और जीवदया की भावना से कार्य कर रहे थे, लेकिन वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। ज्ञापनकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे न्यायपालिका, संविधान और कानून व्यवस्था का पूर्ण सम्मान करते हैं तथा किसी न्यायिक निर्णय पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। उनका केवल इतना आग्रह है कि राष्ट्रपति अपने संवैधानिक अधिकारों के अंतर्गत मामले पर मानवीय दृष्टिकोण से विचार करें।ज्ञापन में कहा गया कि यदि संबंधित गोरक्षकों को राहत प्रदान की जाती है तो इससे प्रभावित परिवारों को संबल मिलेगा और समाज में न्याय, करुणा तथा मानवीय मूल्यों का सकारात्मक संदेश जाएगा। ज्ञापन पर समस्त हिंदू समाज, गोसेवकों एवं गोभक्तों के अनेक प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी किए गए।ज्ञापन सौंपने वालों ने राष्ट्रपति से करुणामय हस्तक्षेप की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि गोसेवा और गोरक्षा भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है तथा इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित गोभक्तों ने समर्थन व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति से सकारात्मक निर्णय की मांग की।

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