नीमच। महेंद्र उपाध्याय। जिला अस्पताल में शनिवार देर रात प्रसूता टीना मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए। गुस्साए परिजन और ग्रामीण महिला की मौत को मेडिकल लापरवाही बताते हुए आईसीयू में घुस गए और वहां जमकर तोड़फोड़ कर दी। कांच चटक गए, उपकरण क्षतिग्रस्त हुए और अफरा-तफरी के बीच ड्यूटी डॉक्टर के साथ हाथापाई की कोशिश भी हुई। अचानक हुए इस हंगामे से अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया और नर्सिंग स्टाफ वार्ड छोड़कर बाहर निकल आया।
जानकारी के अनुसार ग्राम आचारी निवासी टीना (पत्नी प्रहलाद मीणा) को दूसरी डिलीवरी के लिए 20 नवंबर को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के बाद प्रसूता ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया और शनिवार शाम तक वह सामान्य रूप से स्वस्थ थी। परिजनों का आरोप है कि रात में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर कई बार बुलाने के बावजूद नर्स और स्टाफ समय पर नहीं पहुंचे, जिससे स्थिति लगातार खराब होती चली गई।काफी देर बाद पहुंचे डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा आईसीयू में शिफ्ट किया और रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि ब्लड चढ़ाने में गंभीर लापरवाही हुई, जिसके कारण टीना ने कुछ ही मिनटों में दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और भारी संख्या में जमा होकर आईसीयू में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।सूचना मिलते ही प्रभारी टीआई भगत सिंह रात करीब 11:30 बजे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस ने आईसीयू खाली करवाया और परिजनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन हंगामा देर रात 12:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान स्थिति कई बार तनावपूर्ण बनी रही।इधर, पत्नी की मौत की खबर सुनते ही पति प्रहलाद मीणा की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। रविवार सुबह टीना का पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
वहीं, परिजनों ने डॉक्टर लाड़ धाकड़ पर इलाज के दौरान 16 हजार रुपए मांगने के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि 4,000 रुपए पहले और 3,000 रुपए बाद में देने के बावजूद डॉक्टर ने समुचित उपचार नहीं किया। मीणा समाज युवा जिला अध्यक्ष मनोहर रावत का कहना है कि जिला अस्पताल में लंबे समय से लापरवाही और अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। कई मरीजों को कमीशन के लिए निजी अस्पतालों में रेफर किया जाता है।मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने टीना का शव फवारा चौक पर रखकर चक्का जाम कर दिया और सभी मार्गों को अवरुद्ध कर दिया। माहौल कई बार विवाद की कगार पर पहुंचा। सूचना मिलने पर एसडीएम संजीव साहू, तहसीलदार संजय मालवी, सीएसपी किरण चौहान सहित तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया।एसडीएम संजीव साहू ने बताया कि परिजनों की मांग डॉक्टर पर कार्रवाई और मुआवजे की है, लेकिन यह निर्णय प्रशासन स्तर पर संभव नहीं है। परिजनों से लिखित आवेदन लिया गया है और जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।सागर मंथन करीब तीन घंटे तक चले उग्र प्रदर्शन और जाम के बाद प्रशासन के आश्वासन पर परिजन शांत हुए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी ओर परिजन शव लेकर गाव रवाना हुए।इस मामले में चिकित्सक डॉक्टर योगेन्द्र धाकड़ से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाए रुपए के आरोप निराधार है महिला के परिजन 9 महीने में पहली बार महिला को जिला चिकित्सालय में लेकर पहुंचे थे हमारी तरफ से पूरे प्रयास किए गए थे 3 दिन तक उपचार के बाद अचानक तबियत बिगड़ी जिस पर भी मेडिकल कॉलेज की टीम और जिला अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा अथक प्रयास किए गए,परंतु महिला को बचाया नहीं जा सका।
जिला अस्पताल में प्रसूता की संदिग्ध मौत पर बवाल:देर रात हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट का प्रयास,शव सड़क पर रख किया प्रदर्शन,प्रशासन ने जांच के बाद कार्यावाही का दिया आश्वासन







