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पिपलियामंडी के ग्रामीणों में आक्रोश: नारर्कोटिक्स पर लगाए निर्दोष को फ़ंसाने के आरोप,घेराव कर अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, गोर्धन सिंह को मुक्त करने की मांग

Mahendra Upadhyay
4 Min Read

नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। पिपलियामंडी (तहसील मल्हारगढ़, जिला मंदसौर) के सैकड़ों ग्रामीण एवं नगरवासी शुक्रवार को केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, नीमच कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विभाग का घेराव कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जिसमे हाल ही में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के प्रकरण में पिपलियामंडी अयोध्या बस्ती निवासी गोर्धन सिंह को निर्दोष बताते हुए मामले की पुनः जांच और निष्पक्ष समीक्षा की मांग उठाई।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गोर्धन सिंह एक साधारण मजदूर है, जो पिछले कुछ वर्षों से गिट्टी, मोर्रम और अन्य निर्माण सामग्री की सप्लाई करता है। उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उसके खिलाफ अब तक कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने उसके चरित्र को शांत, सरल और ईमानदार बताते हुए कहा कि वह सदैव मेहनत से अपनी रोजी-रोटी चलाने में जुटा रहता है।ज्ञापन के अनुसार, कुछ माह पूर्व गोर्धन सिंह गिट्टी सप्लाई का भुगतान लेने जावरा क्षेत्र गया था, जो उसके रोजमर्रा के काम का सामान्य हिस्सा है। इसी यात्रा के आधार पर उस पर मादक पदार्थ तस्करों की सहायता करने का आरोप लगाया गया, जबकि ग्रामीणों के अनुसार न तो कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध है और न ही कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस मामले में पिपलियामंडी निवासी दिनेश पोरवाल को तो नोटिस जारी हुआ था उसे छोड़ दिया गया, मगर गोर्धन सिंह को कोई नोटिस नहीं दिया गया,फिरभी उसपर झूठा प्रकरण बनादिया,जिससे संदेह और गहरा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी खुलासा किया कि कथित घटना के बाद स्वयं दिनेश पोरवाल ही गोर्धन सिंह को नीमच लेकर गया था, जिससे पूरे मामले पर और प्रश्न खड़े होते हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संभवतः किसी व्यक्तिगत कारण, गलतफहमी या दबाव में आकर गोर्धन सिंह को जानबूझकर इस गंभीर प्रकरण में फंसाया गया है। प्रदर्शन के दौरान पीड़ित की पत्नी, बच्चा जो गंभीर बीमारी से जूझ रहा भी मौजूद रहा। ज्ञापन सौंपते समय पीड़ित की पत्नी अधिकारियों के चरणों में गिर पड़ी और न्याय की गुहार लगाई, जिससे माहौल भावुक हो उठा।प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद ने किया। उन्होंने नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग द्वारा अक्सर झूठे प्रकरण बनाए जाते हैं और निर्दोष लोगों को फंसाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मामले में भी पहले नोटिस जारी कर एक व्यक्ति से पैसे लेकर छोड़ दिया गया, जबकि उसके साथ मौजूद गोर्धन सिंह पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने मांग की है कि निर्दोष को तुरंत रिहा किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच कर सत्य को सामने लाया जाए। यदि गोर्धन सिंह निर्दोष पाया जाता है, तो उसे तुरंत मामले से मुक्त किया जाए और दोषी अधिकारियों या व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई हो। अन्यथा ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।इस मामले में नारकोटिक्स अधिकारी मंदसौर डिवीजन ऑफिसर आर.के. रजक ने ज्ञापन प्राप्त कर ग्रामीणों को 7 दिनों में उचित निराकरण का आश्वासन दिया।

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