नीमच। महेंद्र उपाध्याय।ग्राम लोलपुरा (नवलपुरा) के किसान कन्हैयालाल पिता भंवरलाल ब्राह्मण ने ग्रामीणों व परीजनो के साथ कलेक्टर नीमच के नाम एक विस्तृत लिखित शिकायत प्रस्तुत कर सामलाती कुंए से सिंचाई करने की अनुमति दिलवाने तथा परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की व दोषी पटवारी तहसील दर पर कार्यावाही की मांग की है। प्रार्थीयो ने बताया कि उनकी कृषि भूमि सर्वे नम्बर 215 (0.3200 हेक्टे.) व सर्वे नम्बर 40 (0.4200 हेक्टे.) की सिंचाई गांव के सामलाती कुंओं से होती है, जो राजस्व अभिलेख में दर्ज हैं। इन कुओं से सिंचाई को लेकर उनका विवाद लक्ष्मीनारायण एवं अन्य परिजनों से चल रहा है, जिसका प्रकरण अपर कलेक्टर की निगरानी में भी लंबित है।कन्हैयालाल का आरोप है कि तत्कालीन तहसील दार प्रेमशंकर पटेल एवं मौजा पटवारी महेन्द्रसिंह सिसोदिया आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर रहे हैं और मौके पर दस्तावेज उपलब्ध न होने की गलत जानकारी देकर आरोपीगण को संरक्षण दे रहे हैं। प्रार्थीयो का कहना है कि उनके पास राजस्व रिकॉर्ड के सभी प्रमाण मौजूद हैं, फिर भी तहसील स्तर पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।पीड़ितों ने बताया कि 12 नवंबर 2025 की सुबह लगभग 9:30 बजे वे औसरा अनुसार अपने खेत में सिंचाई करने पहुंचे, तभी आरोपीगण कैलाश, घनश्याम, कमलेश, दिनेश, बंशीलाल, सुशीला और संगीता वहां आए और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान सुशीला व संगीता ने उनकी पाइपलाइन पत्थरों से तोड़ दी तथा मोटर को कुएं में फेंक दिया। जब प्रार्थी, उनके पिता कन्हैयालाल, भाई बालमुकुंद और भाभी लीलाबाई बचाव के लिए पहुंचे, तो आरोपी कैलाश ने लकड़ी से उनके पिता के सिर पर हमला किया, जिससे गंभीर घाव आए और तीन टांके लगाने पड़े। वहीं आरोपी कमलेश ने लोहे की सरिया से प्रार्थी पर हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। घनश्याम और दिनेश ने भी परिजनों के साथ मारपीट व गाली-गलौज की।शिकायत में उल्लेख है कि बीच-बचाव करने आए काका प्रेमसुख को भी धक्का देकर गिराया गया और पत्थर मारे गए। हमलावरों ने धमकी दी कि यदि दोबारा कुओं से पानी लिया तो जान से मार देंगे। इसके बाद 112 डायल कर पुलिस को बुलाया गया, जिसने घायलों का मेडिकल करवाया। प्रार्थी के पिता अब भी उपचाररत हैं।कन्हैयालाल ने कलेक्टर से मांग की है कि प्रकरण के निराकरण तक उन्हें उक्त सामलाती कुओं से फसल सिंचाई की अनुमति दी जाए, उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा संबंधित पटवारि तहसीलदार पर विभागीय कार्रवाई कर उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।







