Ads Slider

रेवली देवली शाला में छात्रों की मारपीट पर मचा बबाल, परिजनों-ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, सात छात्र निष्कासित

Mahendra Upadhyay
5 Min Read

नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शा.उ.मा.वि. रेवली देवली, नीमच में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब छात्रों के बीच हुई मारपीट के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ज्ञात हो कि बीते गुरुवार को शाला परिसर में दो छात्रों के साथ ग्राम झालरी के अन्य छात्रों ने मिलकर मारपीट की थी। इस घटना में कक्षा 12वीं के छात्र राजेन्द्र (राज) सिंह तंवर और कक्षा 9वीं के छात्र भवदीपसिंह तंवर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राजेन्द्र के सिर में टांके आए।घटना के बाद घायल छात्रों के परिजनों ने विद्यालय प्रशासन और सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई न किए जाने से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।सागर मंथन शुक्रवार को सुबह बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुंचे और मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मार्ग पर एंबुलेंस सहित भारी वाहनों और टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर करीब डेढ़ घंटे तक फंसे रहे।चकाजाम के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। ग्रामीणों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि जाम से निकलने का प्रयास कर रहे एक युवक के साथ भी मारपीट कर दी गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।चकाजाम की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, एसडीएम संजीव साहू, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा की और समझाइश दी। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया गया और जाम खुलवाया गया।ग्रामीणों का आरोप था कि मारपीट की घटना गंभीर है और दोषी छात्रों को विद्यालय से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को एक शिकायती पत्र भी सौंपा, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया कि 18 सितम्बर 2025 को ग्राम झालरी के छात्र कृष्णा गुर्जर, लोकेश गुर्जर और अन्य चार साथियों ने मिलकर राजेन्द्र सिंह व भवदीपसिंह के साथ मारपीट की, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं।ग्रामीणों के आक्रोश और परिजनों की शिकायत को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। विद्यालय प्राचार्य ने अनुशासनहीनता के आधार पर सात छात्रों को निष्कासित कर दिया। इनमें लोकेश गुर्जर (पिता राजूलाल), दिनेश (पिता पप्पूलाल), कृष्णा गुर्जर (पिता मनोहर), कान्हा गुर्जर (पिता महेन्द्र), लोकेश गुर्जर (पिता कालूराम), हुकुम गुर्जर (पिता कोमल) और प्रकाश गुर्जर (पिता रामखल्यारी) शामिल हैं। सभी छात्र 11वीं कक्षा के कला संकाय से पढ़ रहे थे।पिपलिया नाथावत निवासी आनंद सिंह ने सागर मंथन को बताया कि गुरुवार को विद्यालय के कुछ छात्रों ने एक छात्र के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिसकी हमने पुलिस में रिपोर्ट की लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नही की उसके बाद हमने चक्का जाम लगाया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि हम 24 घंटे के भीतर उसे पर कार्रवाई करेंगे तब हमने जाम खोला। स्कूल से भी उन मारपीट करने वाले बच्चों को निष्कासित कर दिया गया है। हम चाहते है उसके ऊपर 307 की कार्रवाई हो। स्कूल में आए दिन ऐसी घटनाएं होती है प्रिंसिपल कोई कार्रवाई नही करती है।रेवली देवली विद्यालय के छात्र राज सिंह तंवर ने सागर मंथन को बताया कि दीवाल कूद कर आए छात्र ने मेरे साथ मार पीट की। जिसमे उसने हाथ के कड़े से मुझे सिर पर मारा जिससे मेरे सिर में चोट आई, उसके साथ और भी लड़के थे।इस मामले में शिक्षा अधिकारी सुजान मल माँगरिया ने सागर मंथन को बताया कि किसी बात को लेकर छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दोषी छात्रों के निष्कासन की मांग की थी। विद्यालय प्राचार्य ने अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से सात छात्रों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया है। ग्रामीणों ने प्राचार्य को निलंबित करने की मांग की जिसपर उन्हें उनके मूल स्थान पर भेजा जा रहाहै।गौरतलब है कि शाला परिसर में छात्रों की इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़े करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोषी छात्रों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया है।

Share This Article