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सादगी और सुन्नत के मुताबिक इज्तिमाई निकाह सम्मेलन सम्पन्न,11 जोड़े बने हमसफ़र

Mahendra Upadhyay
3 Min Read

नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।शेख सैय्यद मुगल पठान जिला कमेटी के तत्वाधान में निःशुल्क तीसरा इज्तिमाई निकाह सम्मेलन रविवार 5 अप्रैल को टाउन हॉल नीमच में बेहद सादगी और इस्लामी रीतिरिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस मुबारक मौके पर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग, उलेमा-ए-किराम और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान 11 जोड़े निकाह के पाक बंधन में बंधे और सभी के लिए दुआएं की गईं।मीडिया प्रभारी अजहर खान और कमेटी अध्यक्ष हाजी जाहिद खान ने जानकारी देते हुए बताया कि इज्तिमाई निकाह की यह परंपरा समाज में लंबे समय से चली आ रही है। पहला सम्मेलन वर्ष 2010 में फिरोज पठान की सरपरस्ती में आयोजित हुआ था, जबकि दूसरा सम्मेलन 12 अक्टूबर 2025 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ था। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए तीसरे सम्मेलन का आयोजन किया गया।इस इज्तिमाई निकाह में नीमच जिले के मनासा,रामपुरा सागर मंथन के साथ-साथ जावरा और मंदसौर से भी दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन शामिल हुए। कार्यक्रम में काजी साहब और हाफिज साहब द्वारा इस्लामी तरीके से खुतबा-ए-निकाह पढ़वाया गया, जिसके बाद गवाहों की मौजूदगी में दूल्हा-दुल्हन से “क़बूल है” कहलवाकर निकाह मुकम्मल कराया गया। निकाह के बाद दुआ-ए-खैर की गई और नव दम्पत्ति जोड़ों की खुशहाल जिंदगी के लिए अल्लाह से दुआ मांगी गई।आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची पर रोक लगाना और सुन्नत के मुताबिक सादगीपूर्ण निकाह को बढ़ावा देना है।कमेटी द्वारा सभी व्यवस्थाएं निःशुल्क रखी गईं,जिसमें किसी भी जोड़े या उनके परिजनों से कोई शुल्क नहीं लिया गया। यह पहल खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत लेकर आई।निकाह के बाद सभी दूल्हा-दुल्हनों को गृहस्थी में उपयोगी सामग्री भेंट की गई, वहीं प्रत्येक दुल्हन के लिए 11-11 हजार रुपए की एफडी भी कमेटी द्वारा कराई गई। इस नेक काम की समाजजनों ने सराहना की और इसे इंसानियत और भाईचारे की मिसाल बताया।इज्तिमाई निकाह सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि इस्लाम में सादगी,आपसी सहयोग और नेक नीयत के साथ रिश्तों को निभाना ही असल मायने रखता है।

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