नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।दाऊदी बोहरा समाज ने गुरुवार को मुक़द्दस त्योहार (ईद-उल-फितर) को पूरे जोश-ओ-ख़रोश, अकीदत और रूहानी माहौल के साथ मनाया। मीठी ईद के इस पाक मौके पर शहर की बोहरा कॉलोनी,अमाकीने मोहम्मदिया 36-ए और बोहरा बाजार स्थित मस्जिदों में सुबह से ही रौनक, इबादत और खुशियों का नूर बिखरा नजर आया। बड़ी तादाद में समाजजन जमा हुए और अल्लाह की बारगाह में नमाज़ अदा कर मुल्क, शहर और पूरी दुनिया में अमन-ओ-अमान, तरक़्क़ी, सलामती और खुशहाली की दुआएं मांगीं।ईद की सुबह बोहरा कॉलोनी में शेख हुजैफा भाई होशंगाबाद वाला तथा हुसामी मस्जिद में मुल्ला ताहिर भाई भारमल ने ईद की नमाज़ अदा कराई और ख़ुत्बा पेश किया। अपने पैगाम में उन्होंने कहा कि रमज़ान का महीना सब्र, रहमत,बरकत और इंसानियत की तालीम देता है। ईद उसी इबादत और रोज़ों की कबूलियत का जश्न है, जहां हर मोमिन को एक-दूसरे के साथ मोहब्बत, ख़ुलूस और भाईचारा कायम रखने का संदेश दिया जाता है।नमाज़ के बाद मस्जिद परिसर में समाज के लोग एक-दूसरे से गले मिले और “ईद मुबारक” कहकर दिली मुबारकबाद दी। पूरा माहौल अपनत्व, सौहार्द और खुशी से सराबोर हो गया। इस मौके पर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जनाब आमिल साहब ने बच्चों को ईदी और इनाम वितरित किए, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। वहीं समाज की ख़िदमत करने वाले सेवाभावी वरिष्ठजनों को विशिष्ट उपाधियों से नवाज़ा गया,जो समाज के लिए फख्र और इज़्ज़त का पल रहा।ईद-उल-फितर के इस पुरनूर मौके पर पारंपरिक पकवानों की भी खास तैयारी रही। घर-घर शीर-खुरमा, सिवैयां और लज़ीज़ दावत का इंतज़ाम किया गया। बोहरा समाज में ईद के दिन नमाज़, ख़ुत्बा, सदका-खैरात, रिश्तेदारों से मुलाकात, बड़ों से दुआ और छोटों को ईदी देने की खूबसूरत परंपरा निभाई जाती है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर खुशियां बांटते हैं और भाईचारे की मिसाल पेश करते हैं।इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती,अनिल चौरसिया और मुकेश कालरा ने भी पहुंचकर आमिल साहब को गुलदस्ता भेंट किया, शाल ओढ़ाकर सम्मान किया व समाजजनों को ईद की मुबारकबाद दी।नीमच में दाऊदी बोहरा समाज द्वारा मनाई जाने वाली ईद-उल-फितर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत, रूहानियत और सामाजिक एकता का खूबसूरत इज़हार बनकर सामने आई, जिसने पूरे शहर को अमन और भाईचारे का पैगाम दिया।







