नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।अग्रवाल समाज नीमच द्वारा आराध्य महाराजा अग्रसेन की जयंती नौ दिवसीय विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भव्यता से मनाई जा रही है। रविवार को अग्रसेन जयंती के अवसर पर ध्वजारोहण, महाआरती,भव्य शोभायात्रा और सामूहिक सहभोज सहित विभिन्न आयोजन हुए। महाराजा अग्रसेन की अलौकिक शोभायात्रा में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शोभायात्रा में सबसे आगे राजस्थानी ऊंट और घोड़े चल रहे थे। इसके साथ डीजे, नासिक ढोल और महाराजा अग्रसेन की आकर्षक झांकी ने लोगों का ध्यान खींचा। पूरे मार्ग में इत्र और पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा तथा महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं।अग्रवाल पंचायत भवन (बारादरी) से अग्रसेन वाटिका तक बाजार को आकर्षक विद्युत सज्जा और तोरण द्वारों से सजाया गया था। झिलमिलाती रोशनी और भव्य सजावट ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना रखा था।जयंती के अवसर पर सुबह 10 बजे अग्रसेन वाटिका में ध्वजारोहण एवं आरती की गई। इसके बाद दोपहर 4 बजे अग्रवाल पंचायत भवन (बारादरी) से अग्रकुल परिवार द्वारा अग्रवाल समाज के नेतृत्व में महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा निकाली गई, जो अग्रसेन वाटिका पहुंची। यहां महाराजा अग्रसेन की महाआरती की गई। शाम 7 बजे किलेश्वर मंदिर रोड स्थित पुरानी लहसुन मंडी प्रांगण में सामूहिक सहभोज का आयोजन रखा गया।आयोजन की जानकारी अग्रवाल समाज अध्यक्ष आर.वी. गोयल, सचिव नवीन गोयल (आर.के.), अग्रकुल क्लब अध्यक्ष आशीष अग्रवाल (प्लोरी), सचिव अंकित बंसल और कार्यक्रम व्यवस्थापक कमल मित्तल ने दी। नौ दिवसीय आयोजन के समापन अवसर पर समाजजनों में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।