नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। सुहाग, प्रेम और अटूट विश्वास का पर्व करवा चौथ गुरुवार को नीमच में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लायंस पार्क के सामने पंजाबी समाज की महिलाओं ने वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार सामूहिक रूप से करवा चौथ का पूजन किया। आयोजन में जहां नवविवाहित दुल्हनों ने अपनी पहली करवा चौथ के अनुभव साझा किए, वहीं विवाहित महिलाओं ने पर्व की परंपराओं, पूजन विधि और इसके धार्मिक एवं पारिवारिक महत्व के बारे में बताया।पंजाबी समाज में करवा चौथ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। पर्व की शुरुआत सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के साथ हुई। सास द्वारा बहू को सरगी देने की परंपरा में फल, मिठाइयां, सूखे मेवे और अन्य पकवान शामिल किए जाते हैं। इसके बाद महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ पूरे दिन निर्जला व्रत रखा।शाम को सोलह शृंगार कर महिलाएं लायंस पार्क के सामने पूजन स्थल पर एकत्रित हुईं। यहां करवा माता की पूजा-अर्चना की गई और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करवा चौथ की कथा सुनी गई। इस दौरान महिलाओं के बीच पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।आयोजन के दौरान पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली दुल्हनों के लिए यह अवसर खास रहा। उन्होंने अपने पहले व्रत से जुड़े अनुभव साझा किए, जबकि अनुभवी महिलाओं ने करवा चौथ की परंपराओं और पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी को सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से परिचित कराया।रात को चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाओं ने चंद्रदेव को अर्घ्य दिया। इसके बाद छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखकर पति के हाथों जल ग्रहण किया और निर्जला व्रत का पारणा किया। लायंस पार्क के सामने वर्षों से आयोजित हो रहा यह सामूहिक पूजन पंजाबी समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक प्रेम और परंपराओं के प्रति आस्था को दर्शाता है।