नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर महामाया भादवा माता के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महाष्टमी के अवसर पर सोमवार को युवा समाजसेवी अरुल अरोरा द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। सुबह 10 बजे शुरू हुआ महाप्रसादी वितरण का सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा। नीमच सहित राजस्थान, गुजरात और अन्य क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर महाप्रसादी ग्रहण की और पुण्य लाभ अर्जित किया।महाष्टमी के पावन अवसर पर समाजसेवी अरुल अरोरा ने भादवा माता मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता रानी के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने माता से नीमच सहित प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने माताजी को हलवे का भोग भी अर्पित किया। मंदिर परिसर में गूंजते 'जय माता दी' के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।समाजसेवी अरुल अरोरा और उनकी टीम द्वारा भादवा माता मंदिर परिसर में पिछले चार दिनों से लगातार श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। महाष्टमी के दिन भंडारे में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। महाप्रसादी के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और सेवादार श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करने में जुटे रहे।भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध घी से बनी गरमा-गरम पूरियां, सूजी का हलवा, चने और आलू की सब्जी परोसी जा रही है। सुबह से देर रात तक चलने वाले इस आयोजन के माध्यम से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।महाष्टमी पर मां भादवा माता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही। भारी भीड़ के बीच अरुल अरोरा और उनकी टीम के सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे नजर आए। श्रद्धालुओं ने भंडारे में महाप्रसादी ग्रहण कर आयोजन की सराहना की। नवरात्र के दौरान आयोजित इस सेवा कार्य ने भक्ति, आस्था और जनसेवा का संदेश दिया।