नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को नीमच शहर गणपति बप्पा के जयकारों, ढोल-डीजे की गूंज और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया। दस दिवसीय गणेशोत्सव के समापन पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए भव्य चल समारोह निकाले गए। इनमें अखाड़ों के करतब,आकर्षक झांकियां और युवाओं का उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। देर रात तक शहर के प्रमुख मार्गों पर गणपति भक्तों की भीड़ दिखाई दी।
*माधवपुरी बालाजी से शुरू हुआ भव्य चल समारोह*
महू रोड स्थित श्री माधवपुरी बालाजी एवं श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर से बजरंग व्यायाम शाला के अखाड़े के साथ भव्य चल समारोह निकाला गया। सबसे आगे डीजे पर धार्मिक भजनों की प्रस्तुति हो रही थी,जबकि ढोल की थाप पर युवा नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। अखाड़े के युवाओं ने विभिन्न हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। इसके पीछे अखाड़े के उस्ताद चल रहे थे।चल समारोह में ट्रैक्टर-ट्रॉली में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं विराजित थीं। प्रभु श्रीराम की झांकी भी इसमें शामिल रही। प्राइवेट बस स्टैंड स्थित स्वयं सिद्धिविनायक गणेश मंदिर से सात झांकियों का कारवां भी इस चल समारोह में शामिल हुआ। इनमें दो झांकियां रोटरी क्लब की थीं।
*धार्मिक प्रसंगों ने मोहा लोगों का मन*
चल समारोह में शामिल झांकियों में भगवान शिव के समक्ष भांग घोंटते माता पार्वती,कावड़ में जल लाकर भगवान महादेव का अभिषेक करते भगवान श्री गणेश, उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाए भगवान श्रीकृष्ण,राधा-कृष्ण का झूला,बाबा रामदेवजी तथा शेषनाग की शैया पर विश्राम करते भगवान विष्णु और उनके चरण दबाती माता लक्ष्मी के प्रसंगों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया।झांकियों के जीवंत प्रस्तुतीकरण को देखने के लिए शहरवासी रास्ते में रुकते नजर आए। कई स्थानों पर लोगों ने परिवार के साथ चल समारोह का आनंद लिया।
*गुप्तेश्वर महादेव मंदिर समिति का चल समारोह भी निकला*
चूड़ी गली स्थित श्री गुप्तेश्वर महादेव मंदिर समिति की ओर से भी प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार गणेश विसर्जन चल समारोह निकाला गया। इसमें श्री शंभू व्यायाम शाला, स्कीम नंबर-9 का अखाड़ा सबसे आगे रहा। अखाड़े के युवाओं ने मार्ग में विभिन्न करतब प्रस्तुत किए।इसके पीछे ट्रैक्टर-ट्रॉली में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विराजित थी।डीजे पर धार्मिक भजनों और ढोल की थाप के बीच समिति से जुड़े युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे।महाराष्ट्र के ढोल और अन्य आकर्षक प्रस्तुतियां भी चल समारोह का हिस्सा रहीं। इसके बाद पिकअप और टेंपो में भगवान श्री गणेश की दो प्रतिमाएं विराजित थीं।चल समारोह घंटाघर, नया बाजार, बारादरी, फव्वारा चौक, फ्रूट मंडी चौराहा और कमल चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।
*गणपति ग्रुप ने भी निकाला विसर्जन चल समारोह*
दशहरा मैदान में गणपति ग्रुप द्वारा दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान मालवा के महाराज के रूप में भगवान श्री गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई थी। दस दिनों तक विशाल पंडाल में प्रतिदिन पूजा-अर्चना सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए।अनंत चतुर्दशी पर भक्तों ने भावपूर्ण माहौल में बप्पा को विदाई दी। शुक्रवार रात प्रतिमा विसर्जन के लिए गणपति ग्रुप की ओर से चल समारोह निकाला गया। सबसे आगे डीजे पर धार्मिक भजनों की प्रस्तुति हो रही थी और पीछे ढोल की थाप पर एक जैसी पोशाक में गणपति ग्रुप के सदस्य नृत्य करते हुए चल रहे थे।
*लावण्या ग्रुप ने भी ढोल-डीजे के साथ दी बप्पा को विदाई*
लायंस क्लब चौराहे पर लावण्या ग्रुप द्वारा दस दिवसीय गणेशोत्सव के तहत भव्य पंडाल में भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। दस दिनों तक यहां विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित हुईं। शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को भावपूर्ण विदाई दी गई।रात में लावण्या ग्रुप की ओर से डीजे और ढोल-धमाकों के साथ विसर्जन चल समारोह निकाला गया। इसमें युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। डीजे पर भगवान श्री गणेश के भजनों और धार्मिक गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा।
*चल्दु नदी में हुआ बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन*
शहर से निकले विभिन्न गणेश विसर्जन चल समारोहों के बाद बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन चाल्दु नदी में किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन कर गणपति बप्पा को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आने की कामना की।