नीमच। महेंद्र उपाध्याय। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार शाम श्री चंद्रवंशी ग्वाला गवली समाज छावनी द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। धार्मिक आस्था के साथ समाज की समृद्ध लोक संस्कृति और वर्षों पुरानी परंपराएं भी इस आयोजन में जीवंत नजर आईं। डोल-डंडों की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते समाजजन, डीजे की धुनों पर नृत्य करती युवतियां, आकर्षक विद्युत सज्जा से सजी धार्मिक झांकियां और भगवान श्रीकृष्ण का भव्य रथ चल समारोह का विशेष आकर्षण रहा।चल समारोह स्कीम न 9 स्थित मंदिर से प्रारम्भ हुआ। समारोह में समाज के युवा,बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे उत्साह के साथ शामिल हुए। सबसे आगे समाजजन हाथों में डंडे लेकर तालबद्ध तरीके से पारंपरिक डोल-डंडा नृत्य की प्रस्तुति देते हुए चल रहे थे। डोल की थाप और डंडों की लयबद्ध टकराहट के बीच प्रस्तुत इस नृत्य ने समाज की लोक परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की। खास बात यह रही कि इसमें युवा पीढ़ी के साथ बुजुर्ग भी पूरे उत्साह से शामिल हुए।चल समारोह में पीछे डीजे की भक्तिमय धुनों पर युवतियां एवं समाज की महिलाएं नृत्य करती हुई चल रही थीं। भक्ति गीतों और संगीत की धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं धार्मिक प्रसंगों को दर्शाती आकर्षक झांकियां शामिल थीं। रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजी झांकियां मार्ग से गुजरते लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।चल समारोह में सबसे पीछे भगवान श्रीकृष्ण का भव्य रथ शामिल था। रथ के दर्शन के लिए मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ पुनः स्कीम न 9 मंदिर पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और समाजजनों एवं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।