नीमच। महेंद्र उपाध्याय। श्रावण मास के पावन अवसर पर अन्नपूर्णा सेवा न्यास के तत्वावधान में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पप्पू राकेश जैन के नेतृत्व में सावन के अंतिम सोमवार को भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल को कावड़ में लेकर बड़ी संख्या में शिवभक्त शहर की सड़कों पर निकले। यात्रा के दौरान पूरा शहर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।कावड़ यात्रा की शुरुआत रोडवेज बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर से हुई। यात्रा नया बाजार, मर्तरी चौराहा, घंटाघर, जाजू बिल्डिंग,नगरपालिका सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई भूतेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। रास्तेभर शहरवासियों ने कावड़ यात्रियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं पेय पदार्थों की व्यवस्था भी की गई।भूतेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने के बाद हरिद्वार से लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शिवभक्त मौजूद रहे। आयोजन में राष्ट्रीय संत श्री मिथिलेश जी नागर भी शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पप्पू राकेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कावड़ यात्रा केवल अन्नपूर्णा सेवा न्यास की नहीं, बल्कि संपूर्ण नीमच शहर की आस्था का आयोजन है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है और इस माह में भगवान शिव की आराधना करने से मन को शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। हरिद्वार से गंगाजल लाकर नीमच के सभी शिवभक्तों ने कावड़ के माध्यम से भूतेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया है।उन्होंने कहा कि शहरवासियों ने बिना किसी औपचारिक निमंत्रण के जिस उत्साह के साथ यात्रा में सहभागिता की, वह नीमच की एकजुटता और शिवभक्ति का प्रमाण है। उन्होंने सभी शिवभक्तों एवं शहरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए अच्छी बारिश, सुख-समृद्धि और सभी के निरोगी जीवन की कामना की।राष्ट्रीय संत श्री मिथिलेश जी नागर ने कहा कि श्रावण मास के अवसर पर अन्नपूर्णा सेवा न्यास के तत्वावधान में पहली बार नीमच नगर एवं आसपास के क्षेत्र के शिवभक्तों ने एक साथ भूतेश्वर महादेव का गंगाजल से जलाभिषेक किया है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें और क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करें। उन्होंने अन्नपूर्णा सेवा न्यास के संस्थापक एवं संयोजक पप्पू जैन तथा पूरी टीम को आयोजन के लिए साधुवाद दिया।उन्होंने कहा कि भगवान शिव को जल अर्पित करने के पीछे धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है। उन्होंने सनातन संस्कृति और भारत के परम वैभव की मंगलकामना करते हुए कहा— “हर-हर महादेव, घर-घर महादेव।”यात्रा में शामिल शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे मार्ग में ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच श्रद्धालु कावड़ लेकर आगे बढ़ते रहे। शहर के विभिन्न बाजारों में व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों ने भी कावड़ यात्रियों का स्वागत किया और पुष्पवर्षा की। इस दौरान पूरा वातावरण शिवमय नजर आया।श्रावण मास में निकली इस भव्य कावड़ यात्रा ने नीमच में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और शिवभक्ति का अद्भुत रंग प्रस्तुत किया।